खेल सुविधाओं के नाम पर युवाओं से धोखा

खेल सुविधाओं के नाम पर युवाओं से धोखाgaoconnection

विशुनपुर (बाराबंकी)। ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों रुपये खर्च कर बनवाये गए खेल मैदान उजाड़ पड़े हैं। खेल के उपकरण टूटे-फूटे पड़े हैं। खेल का सामान कहां है, यह भी खिलाड़ियों को नहीं मालूम। इसके चलते सेना, पुलिस और अन्य परीक्षाओं में भर्ती की तमन्ना रखने वाले युवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला मुख्यालय से बीस किलोमीटर दूर विशुनपुर में करीब दो वर्ष पूर्व पायका योजना के तहत खेल का मैदान बनाया गया था। खेल का मैदान बनने पर युवाओं में काफी ख़ुशी थी, लेकिन उपेक्षा के चलते ये ख़ुशी ज्यादा दिन तक नहीं रह सकी। युवा कल्याण विभाग द्वारा पायका योजना के तहत बनवाये गए इस खेल के मैदान में बैडमिंटन, वालीबाल, क्रिकेट, दौड़ व ऊंची कूद खेल के इंतजाम किये गए थे।

कुछ दिनों तक यहां खेल अधिकारी की नियुक्ति की गई थी, लेकिन बाद में उसकी तैनाती भी खत्म कर दी गई। जिससे खेल का मैदान वर्तमान में पूरी तरह उपेिक्षत पड़ा है। मैदान में कुछ पोल लगे हैं, कुछ लोग उखाड़ ले गए। इस सम्बन्ध में युवा ललित तिवारी बताते हैं, “खेल का मैदान दुरुस्त न होने से सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।” विशुनपुर निवासी पवन जायसवाल बताते है, “जब पायका के तहत खेल मैदान का निर्माण करवाया गया तो युवाओं में काफी उत्साह था, लेकिन उपेक्षा के चलते यह खेल मैदान कुछ दिनों बाद ही जर्जर हो गया।वर्तमान में मैदान के बीचोंबीच काफी गड्ढे मौजूद हैं और खेल का सामान भी नदारद है। जिससे युवाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पाता।” 

  रिपोर्टर - अरुण मिश्रा

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