खेती किसानी

कृषि आय पर कर न लगा है और न ही लगेगा: जेटली 

नई दिल्ली (भाषा)। कृषि से होने वाली आय पर कर लगाने की कुछ राजनीतिक दलों की आशंकाओं को सिरे से खारिज करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि ‘‘कृषि आय पर आयकर नहीं लगता है और न ही लगने वाला है।'' अरुण जेटली ने वित्त विधेयक 2017 पर लोकसभा में हुई चर्चा का आज जवाब देते हुए कहा, ‘‘कृषि आय पर आयकर नहीं लगता है और न ही लगने वाला है।

कृषि के ऊपर आयकर लगाने का अधिकार केंद्र सरकार के हाथ में ही नहीं है।'' उन्होंने कई बार इस बात को दोहराया और विपक्ष को आश्वस्त करते हुए कहा, ‘‘यह भ्रम पैदा करना कि कृषि आय पर आयकर लगाने का प्रावधान किया गया है, पूरी तरह गलत है। आयकर अधिनियम के सेक्शन दस के तहत स्पष्ट है कि कृषि पर आयकर नहीं लगेगा।'' वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘यह संसद के विधायी अधिकार से ही बाहर है।'' उन्होंने कहा कि यह तो राज्य का विषय है, हालांकि बीजू जनता दल के भृतुहरि मेहताब ने कहा कि आयकर रिटर्न दाखिल करने पर कृषि आय को भी जोड़ने का प्रावधान है आनलाइन फार्म में है और यह प्रावधान कृषि आय को आयकर के दायरे में लाता है।

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बीजद ने वित्त मंत्री के जवाब से असंतोष जताते हुए सदन से वाकआउट किया। वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान विभिन्न दलों के सदस्यों ने कृषि आय पर आयकर का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वित्त विधेयक के पारित होने की प्रक्रिया के दौरान पूरे समय सदन में मौजूद थे, हालांकि कृषि आय के मुद्दे पर बीजू जनता दल और पैन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने की अनिवार्यता के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस सदस्यों ने वित्त मंत्री के जवाब के बाद सदन से वाकआउट किया। कांग्रेस सदस्य भी किसानों का कर्जा माफ करने की मांग करते हुए सदन से वाकआउट कर गए।

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