किसानों को वर्ष 2022 तक बनाया जाएगा आत्मनिर्भर 

Divendra SinghDivendra Singh   30 Aug 2017 11:25 PM GMT

किसानों को वर्ष 2022 तक बनाया जाएगा आत्मनिर्भर भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान परिसर में संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम का आयोजन ।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दोगुना करने के कृषि मंत्रालय के प्रयास को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान परिसर में संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद, मोहनलालगंज कौशल किशोर ने कहा ने किसानों को वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से कृषि उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी किसानों से हर संभव प्रयास करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने किसानों को इच्छाशक्ति बढ़ाने तथा लक्ष्य बनाकर आय को दोगुना करने पर बल दिया।

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देवेंद्र चौधरी, सचिव, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्यपालन, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने में पशुपालन, डेयरी व मत्स्यपालन के महत्व को रेखांकित करते हुए किसानों को पशुओं में 100 कृत्रिम गर्भाधान व भ्रूण प्रत्यारोपण को अपनाने तथा पशुओं को संतुलित आहार देने पर ज़ोर दिया।

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ की टीम संस्थान के निदेशक डॉ. अश्विनी दत्त पाठक ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा संस्थान की उपलब्धियों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि संस्थान और डीएससीएल शुगर ने पीपीपी मॉडल के अंतर्गत चीनी मिल अधीनस्थ क्षेत्रों के कुछ चयनित गाँवों में एक निश्चित समय के लिए गन्ना विकास क्रिया-कलापों के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। सहमति पत्र के अंतर्गत, किसानों की आय को बढ़ाने के लिए उत्पादकता को बढ़ाने, उत्पादन लागत को घटाने, अन्य सम्बद्ध क्रियाओं को बढ़ावा देने तथा प्रभावी विपणन के लिए सभी संभावित प्रयत्न किए जाएंगे।

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