गाय-भैंसों को बांझपन से बचाना है तो ऐसे रखें उनका ख्याल

गाय-भैंसों को बांझपन से बचाना है तो ऐसे रखें उनका ख्यालसंतुलित आहार से होगी पशुओं की अच्छी देखभाल।

लखनऊ। जानकारी के अभाव में रतन सिंह (33 वर्ष) ने अपनी भैंस को संतुलित आहार नहीं खिलाया, जिससे उनकी भैंस का प्रजनन चक्र बिगड़ गया और वो दोबारा गाभिन नहीं हो पाई। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। दुधारू पशुओं में बांझपन एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।

दुधारू पशुओं में पोषक तत्व (जिंक, कॉपर, कॉमनसोल्ट) की सबसे ज्यादा जरूरत होती है जो मिनिरल मिक्सचर पूरी करता है, लेकिन ज्यादातर पशुपालक इस पर ध्यान नहीं देते। महीने में दस से ज्यादा पशुपालक यह समस्या लेकर केंद्र में आते है।
डॉ. टीबी यादव, पशुधन वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, शाहजहांपुर

डॉ. यादव पशुओं में बांझपन होने का दूसरा कारण बताते हैं, “बच्चा देने के बाद 120 दिन बाद पशु को दुबारा हीट में आना होता है पर पशुपालकों के पास कोई लिखित ब्यौरा न होने के कारण समय निकल जाता है।” दुधारू पशुओं में बढ़ते बांझपन की समस्या को देखते हुए राज्य सरकार गाय/ भैसों में अनुर्वता एवं बांझपन निवारण की योजना चला रही है। यह योजना 13 जिलों में चलाई जा रही है।

ये भी पढ़ें- योगी सरकार ला रही छह पशुओं की योजना, छोटे किसानों को होगा फायदा

संतुलित आहार पशुओं के लिए बहुत जरूरी होता है जिसकी जागरूकता अभी भी पशुपालकों में नहीं आ पाई है। बांझपन की समस्या को देखते हुए विभाग द्वारा जिलों में बांझपन शिविरों का आयोजन करके बांझ पशुओं का इलाज किया जाता है। इन शिविरों में कृमिनाशक दवा और मिनरल मिक्चर पशुपालकों को निःशुल्क दिया जाता है।
डॉ. वी.के सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, लखनऊ

संतुलित दाना

गाय (10 लीटर दूध देने वाली), भैंस (10 लीटर दूध देने वाली)

दाना

गाय-पूरे दिन में लगभग 4 किलोग्राम दाना, भैंस- पूरे दिन में लगभग 3.5 किलोग्राम दाना

हरा चारा

गाय को पूरे दिन में लगभग 15-20 किलो हरा चारा

भैंस को दिन में लगभग 20-25 किलो हरा चारा

ये भी पढ़ें- भैंसा भी बना सकता है आपको लखपति, जानिए कैसे ?

सौ किलो संतुलित दाना बनाने की विधि

  • दाना (मक्का, जौ, गेंहू, बाजरा) इसकी मात्रा लगभग 35 प्रतिशत होनी चाहिए। चाहे बताए गए दाने मिलाकर 35 प्रतिशत हो या अकेला कोई एक ही प्रकार का दाना हो तो भी खुराक का 35 प्रतिशत दें।
  • खली (सरसों की खल, मूंगफली की खल, बिनौला की खल, अलसी की खल) की मात्रा लगभग 32 किलो होनी चाहिए। इनमें से कोई एक खली को दाने में मिला सकते हैं।
  • चोकर(गेंहू का चोकर, चना की चूरी, दालों की चूरी, राइस ब्रेन,) की मात्रा लगभग 35 किलो।
  • खनिज लवण की मात्रा लगभग दो किलो
  • नमक लगभग एक किलो

इन सभी को लिखी हुई सामग्री को मात्रा के अनुसार मिलाकर अपने को पशु को खिला सकते हैं।

ये भी पढ़ें- यहां से खरीद सकते हैं अच्छी नस्ल के दुधारू पशु

ये भी पढ़ें- हरे चारे की टेंशन छोड़िए, घर पर बनाएं साइलेज, सेहतमंद गाय भैंस देंगी ज्यादा दूध

Share it
Share it
Share it
Top