इस बार उत्तर प्रदेश में चना और मटर की हो सकती है रिकॉर्ड पैदावार

Ashwani NigamAshwani Nigam   29 Dec 2016 7:42 PM GMT

इस बार उत्तर प्रदेश में चना और मटर की हो सकती है रिकॉर्ड पैदावारप्रतीकात्मक फोटो (साभार:गूगल)।

लखनऊ। इस बार प्रदेश में चना और मटर की पैदावार रिकॉर्ड होने की संभावना है। रबी की प्रमुख दलहनी फसल चना ओर मटर की बुवाई का रकबा इस बार पर न सिर्फ बढ़ा है, बल्कि तय लक्ष्य से भी ज्यादा क्षेत्रफल में इसकी बुवाई हुई है।

पिछले वर्ष कम हुई थी पैदावार

प्रदेश में रबी बुवाई की 28 दिसंबर तक के जो आंकड़े मिले हैं, उसके मुताबिक अभी तक चना की बुवाई तय लक्ष्य 584 हजार हेक्टेयर के मुकाबले 631.900 हजार हेक्टयेर में हो चुकी है, जो तय लक्ष्य से ज्यादा है। इसी तरह मटर की बुवाई भी 450.00 हजार हेक्टेयर लक्ष्य की तुलना में 458.955 हजार हेक्टेयर हो चुकी है। पिछले साल प्रदेश में चना की बुवाई का लक्ष्य 586.500 हजार हेक्टेयर रखा गया था, लेकिन बुवाई मात्र 338.757 हजार हेक्टेयर में हुई थी। मटर की बुवाई का लक्ष्य 416.100 रखा गया था, लेकिन बुवाई 319.914 हजार हेक्टेयर में हुई थी।

किसी बीमारी के प्रकोप का भी मामला नहीं

इस बारे में जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक ज्ञान सिंह ने बताया कि रबी सीजन में चना और मटर की बुवाई का बढ़ा हुआ रकबा दिखाता है कि इस बार किसानों ने इसकी बुवाई में अधिक रूचि दिखाई है। इस बार मौसम ने भी किसानों का साथ दिया है। चना और मटर की बुवाई के लिए जैसा तापमान और नमी चाहिए था, वह इस बार थी। उन्होंने कहा कि मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव के बाद भी अभी चना और मटर में किसी बीमारी के प्रकोप का भी कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है। जिससे उम्मीद है कि इस बार चना और मटर की पैदावार अच्छी होगी।

बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा बोया गया चना

प्रदेश में इस बार चना की सबसे ज्यादा बुवाई बुंदेलखंड में की गई है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जो मंडलवार रिपोर्ट मिली है उसके मुताबिक झांसी मंडल में 132.196 हजार हेक्टेयर और चित्रकूट मंडल में 126.718 हजार हेक्टेयर में चना की बुवाई हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश के इलाहाबाद मंडल में भी चना की बुवाई 122.252 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है। चना की बुवाई इस प्रदेश के 18 मंडलों में बढ़ी है।

मटर में भी बुंदेलखंड सबसे आगे

प्रदेश में दलहन और तिलहन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध बुंदेलखंड में इस साल मटर की बुवाई का भी रकबा बढ़ा है। बुंदेलखंड के झांसी मंडल में 224.194 हजार हेक्टेयर में मटर की बुवाई की गई है। बुदेलखंड के ही चित्रकूट मंडल में इस बार 83.259 हजार हेक्टेयर में मटर की बुवाई हुई है।

देश में दाल उत्पादन में उत्तर प्रदेश होगा अग्रणी

भारत में जितनी दाल की खपत है, उसके मुकाबले दालों की पैदावार जितनी होनी चाहिए, नहीं हो पा रही है। पिछले कई सालों से कृषि मंत्रालय के सहयोग से भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान इसको बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। दलहनी फसलों को रकबा देश में नहीं बढ़ रहा था। उत्तर प्रदेश में चना और मटर की बुवाई का रकबा बढ़ना दिखाता है कि किसान एक बार फिर दहलनी फसलों की तरफ अपना रूख कर रहे हैं। पूरे देश में दाल उत्पादन में उत्तर प्रदेश का नंबर दूसरा है। देश में कुल दाल उत्पादन की 16 प्रतिशत दाल उत्तर प्रदेश में होती है।

देश में हर साल 30-40 लाख टन दालों की कमी पड़ती है, जिसके कारण दालों को आयात करना पड़ता है, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख राज्य में दलहनी फसलों खासकर मटर और चना की बुवाई का बढ़ा हुआ क्षेत्रफल दिखाता है कि इस बार इस राज्य में मटर और चना बुवाई का मौसम अनुकूल रहा है। इसलिए पैदावार भी अच्छी होनी की संभावना है।
डॉ. आईपी सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान

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