रोगों और कीटों से देश में तीस फीसदी सब्जियां हो जाती हैं खराब

रोगों और कीटों से देश में तीस फीसदी सब्जियां हो जाती हैं खराबदेश में 169.478 मिलियन मीट्रिक टन सब्जी का उत्पादन होता है, जिसमें से 30 प्रतिशत कीट और सूक्ष्मजीवी रोगों के कारण नष्ट हो जाता है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। देख-रेख के आभाव में कई बार सब्जी किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है, सब्जियों के संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) में कार्यशाला का आयोजन किया गया।

उपकार के महानिदेशक प्रो. राजेन्द्र कुमार ने कहा कि हमारा देश 169.478 मिलियन मीट्रिक टन सब्जी का उत्पादन करता है, जिसमें से 30 प्रतिशत कीट और सूक्ष्मजीवी रोगों के कारण नष्ट हो जाता है। वाह्य रोगजनकों की रोकथाम के लिये संगरोध उपायों का कड़ाई से अनुसरण किया जाना चाहिये और प्रबंधन की पारंपरिक रणनीतियों को नई रणनीतियों पर वरीयता देनी चाहिये।

रोगों/कीटों का प्रबंधन करने के लिये हमें पैकेज विकसित करना होगा जो किसानों के लिये आर्थिक रूप से अनुकूल हो तथा आसानी से उपलब्ध हो सके।

डॉ बीआर यादव, पूर्व संयुक्त निदेशक, उद्यान ने कहा, "सब्जियां कीट और रोगों के प्रति बहुत संवेदनशील होती हैं। मौसम और तापमान में उतार-चढ़ाव से लगने वाली बीमारियों एवं कीटों से बचाव हेतु इससे बचने के लिये ब्रेकिंग न्यूज की तरह प्रचारित करना चाहिये, जिससे कृषक समय रहते अपनी सब्जियों को सुरक्षित करने हेतु उपाय कर सकें।"

नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. बसंत कुमार बताते हैं, "कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग मानव स्वास्थ्य के लिये चिंतनीय है, बैंगन व फूलगोभी जैसी सब्जियों पर कीटनाशकों का चमक के लिये प्रयोग किया जा रहा है जो बहुत खतरनाक है।"

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