संडे हो या मंडे, अब रोज कैसे खाएंगे अंडे ?

संडे हो या मंडे, अब रोज कैसे खाएंगे अंडे ?अंडा भी बिगाड़ रसोई का बजट।

लखनऊ। संडे हो मंडे रोज खाएं अंडे। ऐस विज्ञापन आप टीवी और अखबारों में रोज देखते होंगे। लेकिन जब अंडे की कीमत मुर्गे के बराबर हो जाए तो आप किसे तवज्जो देंगे, ये सोचने का विषय हो सकता है और ये सच भी है। अंडे की वर्तमान कीमत का आंकलन करेंगे तो पाएंगे कि अंडा इस समय चिकन से महंगा होने पर उतारू है।

ठंड में अंडे की मांग बढ़ती ही है। लेकिन ये तेजी दिसंबर और जनवरी के बीच आती थी। लेकिन इस साल नवंबर में ही अंडे की कीमत आसमान छू रहा है। 5 रुपए में बिकने वाला अंडा 7 से 8 रुपए में बिक रहा है। गुलाबी सर्दी की ठंड की दस्तक के साथ ही अंडे की कीमतों में भारी इजाफा रिकॉर्ड किया गया है।

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देश में अंडों की सप्लाई पुणे, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से होती है। पूरे भारत में इस समय सबसे महंगा अंडा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिक रहा है। यहां 100 अंडे की कीमत 550 रुपए है (एनईसीसी-राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति के अनुसार) इसमें अगर अन्य खर्चों को जोड़ दिया जाए तो एक अंडे की कीमत 6.5 से 7.5 हो जाती है।

अगर एक अंडे का औसत वजन 55 (एनईसीसी के अनुसार) ग्राम लगाया जाए तो एक किलो अंडे की कीमत 120 से 135 रुपए हो जाती है। बाजार में इस वक्त मुर्गा 130-150 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। लखनऊ हुसैनगंज के नई बस्ती में फ्रेश चिकन एंड मीट शॉप के संचालक करीम कहते हैं "अंडा महंगा होने से हमें फायदा हो रहा है। दुकान पर आए लोग अक्सर ये बातें करते हैं कि अंडे से तो अच्छा है कि चिकन ही खाया जाए। दोनों के दामों में कोई फर्क नहीं है।"

बात अगर लखनऊ की करें तो यहां थोक में अंडे की कीमत इस समय 550 रुपए प्रति सैकड़ा है। जबकि पिछले महीने ये कीमत 426 रुपए थी। ऐसे ही प्रति सैकड़े अंडे की कीमत चेन्नई में 509 रुपए, नई दिल्ली में 516 रुपए, मुंबई में 547, हैदराबाद में 485, पुणे में 547 और कोलकाता में 508 रुपए है। पिछले साल इस समय ये कीमतें पूरे देश में औसतन 300 से 350 के बीच थीं।

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उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग, पोल्ट्री के संयुक्त निदेशक डॉ वी के सचान कहते हैं "सीजन की वजह से अंडे की कीमत बढ़ी है। शादी के कारण भी इसकी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। आने वाले समय कीमतें और बढ़ेंगी ही। कम होने की उम्मीद नहीं है।"

पिछले 6 महीने में 100 अंडे की थोक कीमतें 375 रुपए से बढ़कर 585 रुपए तक बढ़ी हैं। पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रमेश खत्री ने बताया " ठंड के कारण कीमतों में तेजी आई है। अंडे का उत्पादन 25 से 30 फीसदी कम रहने की भी संभावना है। ऐसे में आपूर्ति कम होगी तो मांग बढ़ने से कीमतें बढ़ेंगी। पोल्ट्री फार्मों ने चालू साल में अपना उत्पादन घटा दिया है, ताकि उन्हें ज्यादा दाम मिल सके।

बीते वर्ष इनके उत्पादकों को फार्म गेट पर अंडे की थोक कीमत चार रुपए से कम मिल पा रही थी, जबकि उनका खर्च ही 3.50 रुपए प्रति अंडे बैठता था। इसकी वजह से उन्हें घाटा लग रहा था। नतीजतन अधिकतर उत्पादकों ने उत्पादन घटा दिया और कुछ ने पोल्ट्री फार्म ही बंद कर दिए। इसका असर यह पड़ा है कि मुर्गी पालन केंद्रों पर ही 100 अंडों की क्रेट 585 रुपए में बेची जा रही है। ऐसे में अंडा चिकन से महंगा हो गया है। जबकि मुर्गियों की कीमतों में कमी आई है।"

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वहीं नेशनल एग कॉर्डिनेशन कमेटी (NECC) के कार्यकारी सदस्य राजू भोसले ने कहा " अंडे के भाव बढ़ने की वजह मांग में 15 फीसदी का इजाफा है। उन्होंने कहा कि सब्जियां महंगी होने की वजह से भी लोगों ने ज्यादा अंडे खाना शुरू कर दिया है।"

आगे उन्होंने बताया कि कर्नाटक और तमिलनाडु में सूखे का भी असर अंडे के दाम पर पड़ा है। राजू के अनुसार "सूखे की वजह से मक्के की कीमतें रिकॉर्ड 1900 प्रति कुंतल के स्तर पर चली गईं। गौरतलब है कि मक्का पोल्ट्री उत्पादन का सबसे जरूरी चीज है। इसका इस्तेमाल मुर्गियों के भोजन के रूप में किया जाता है। कीमत बढ़ने से किसानों ने वक्त से पहले ही मुर्गियों को बेचना शुरू कर दिया इसकी वजह से अंडे का प्रोड्क्शन कम हो गया, और इसका असर कीमतों पर पड़ा।

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उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग के पोल्ट्री कंसलटेंट किदवई कहते हैं "कीमत बढ़ने के कई कारण हैं। लेकिन सबसे जरूरी कारक यही है कि अंडे की मांग लगातार बढ़ रही है। क्योंकि जितना प्रोटीन एक अंडे से मिलता है उसके लिए आपको कम से कम 100 रुपए खर्च करने पड़ेंगे। ऐसे में यंग जेनरेशन को अंडे की उपयोगिता मालुम हो गई है। यूरोपियन कंट्री में एक आदमी साल में 350 अंडे खाता है जबकि भारत में आंकड़ा केवल 67 है। अंडे का प्रयोग भी बढ़ रहा है। इसलिए मांग बढ़ रही है। और मांग बढ़ेगी तो कीमत बढ़ेगी ही।"

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