एक इंजीनियर से किसान बनने की कहानी

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लखनऊ। नागा कटारू नाम के जिस शख़्स ने दुनिया को गूगल एलर्ट जैसे फीचर दिए आज वो अमेरिका के कैलिफोर्निया में बादाम की खेती कर रहा है।नागा कटारू गूगल में एक बड़े पद और मोटी सैलरी पर काम कर रहे थे लेकिन उनकी महत्वाकांक्षा ने उन्हें ज्यादा दिनों तक मशीनों के बीच रहने नहीं दिया। नागा कटारू मूलरूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। 

स्कूली पढ़ाई ख़त्म करने के बाद नागा कटारू ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दाखिला ले लिया। कटारू ने जिस स्कूल से पढ़ाई की थी उनके पिता उसी स्कूल में प्रिंसिपल थे। इंजीनियरिंग की डिग्री के बाद नागा कटारू ने गूगल में नौकरी शुरू कर दी।

2003 में लॉन्च किया गूगल एलर्ट

साल 2003 ने नागा कटारू ने गूगल का सबसे अलग फीचर गूगल एलर्ट लॉन्च किया। गूगल एलर्ट्स के तीन पेटेंट्स पर नागा कटारू का नाम है। गूगल ज्वाइन करने के बाद भी कटारू का दिल नहीं लग रहा था। कुछ ही वर्षों में नागा कटारू ने गूगल छोड़ फिल्म डॉक्यूमेंट्री और थियेटर में हाथ आज़माना शुरू कर दिया।

खेती में आज़माया हाथ

कुछ दिनों तक फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के बाद नागा कटारू का दिल वहां भी नहीं लगा। नागा कटारू ने इस बार खेती में हाथ आज़माने की सोची। गूगल में ही काम करने के दौरान उन्होंने कैलिफोर्निया के मॉडेस्टा इलाके में करीब 320 एकड़ ज़मीन खरीदी। कटारू ने सोचा की क्यों ना खेती में हाथ आज़माया जाए। नागा कटारू को आंध्र प्रदेश के अपने घर और खेत खलिहान की खूब याद आया करती थी। कटारू के दिमाग में आया कि 320 एकड़ के बेकार पड़े खेत पर बादाम की खेती की जाए। कटारू की सोच और आइडिया काम कर गया। आज नागा कटारू इलाके के बड़े किसानों में शुमार किए जाते हैं और बादाम की खेती से हर साल लाखों का मुनाफ़ा कमा रहे हैं।

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