मक्के की फसलों का दुश्मन है ‘फॉल आर्मीवॉर्म, अफ्रीकन देशों के बाद अब एशियाई देशों में मचा सकता है तबाही

मक्के की फसलों का दुश्मन है ‘फॉल आर्मीवॉर्म, अफ्रीकन देशों के बाद अब एशियाई देशों में मचा सकता है तबाहीफॉल आर्मीवॉर्म । फोटो-नेशनल पोस्ट

लखनऊ। घाना और साउथ अफ्रीका में पिछले साल मक्के की खेती में तबाही मचाने के बाद फॉल आर्मीवॉर्म (कीड़ा) अब एशिया की तरफ रुख कर रहा है। ब्रिटेन स्थित सेंटर फार एग्रीकल्चर एंड बायोसाइंस के अनुसार अमेरिका से आए इस कीट ने घाना की फसलों को संक्रमित किया है। साउथ अफ्रीका में भी इसके होने की पुष्टि हो गई है। नेशनल पोस्ट के अनुसार साउथ अफ्रीका में ये कीट वहां की प्रमुख फसल मक्का तक जांबिया से चलकर जिम्बाब्वे के रास्ते पहुंचा है। अमेरिका एग्रीकल्चर संस्थान के अनुसार कीट मालवी, मोजांबिक और नामीबिया जैसे देशों में पहुंच गया है। सेंटर फार एग्रीकल्चर एंड बायोसाइंस के एक मेल ये खुलासा हुआ है कि कुछ सालों में पूरे अफ्रीका के खेत इस कीट के चपेट में होंगे।

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मेल मे बताया गया है कि फॉल आर्मीवॉर्म एशिया और भूमध्यसागरीय देशों में आने वाले समय में पहुंच जाएगा और ये दुनिया की खेती का सबसे बड़ा दुश्मन होगा। ये कीड़ा खेतों में फैल जाता है और फसलों की पत्तियां और तने को खा जाता है, ये अफ्रीकन देशों में पाए जाने वाले परंपरागत कीड़ों से ज्यादा खतरनाक है।

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एक शोध पत्रिका के मुताबिक फसलों के लिए ये प्रजाति बहुत ही खतरनाक है। ये कीड़ा मक्के की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है। घाना में ज्यादतर किसान मक्के की खेती करते हैं। घाना में इस समय 35 सालों में सूखे की स्थिति सबसे भयावह है, ऐसे में हालात और खराब हो सकते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कीड़ा अच्छी फसलों के लिए प्रयास कर रहे किसानों का उत्साह गिराने वाला है। कीड़े की वजह से फसलों की पैदावार लगभग 73 प्रतिशत तक गिरी है।


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