मौसम ऐसा ही रहा तो महंगा हो सकता है सरसों का तेल, सर्दी में झड़ रहे हैं पौधों से फूल

मौसम ऐसा ही रहा तो महंगा हो सकता है सरसों का तेल, सर्दी में झड़ रहे हैं पौधों से फूलसरसों की फसल में अधिक ठंड होने की वजह से फूल झड़ते जा रहे हैं

सुधा पाल

लखनऊ। पिछले कुछ दिनों से मौसम के बदलते मिजाज़ ने जहां लोगों को प्रभावित किया है वहीं इसका असर फसलों में भी दिख रहा है। पाला पड़ने से इस समय सरसों की फसल में काफी नुकसान हो रहा है।

जिन किसानों ने रुककर सरसों की खेती की है उनकी फसलों में अभी फूल नहीं बन पा रहें हैं क्योंकि ठंड ज्यादा है और पाला भी पड़ता रहता है।
नन्हेलाल, किसान, प्रतापगढ़

बाराबंकी जिले के देवां ब्लॉक के दफेदारपुरवा गाँव बाराबंकी के रहने वाले किसान मोइनुद्दीन बताते हैं, “अगेती सरसों की फसल में अधिक ठंड होने की वजह से फूल झड़ते जा रहे हैं। अभी तो अधिक नहीं झड़ रहे हैं।” उन्होंने बताया कि अगर हाल ऐसा ही रहा तो अधिक संख्या में फूलों का गिरना तय है। इससे उत्पादन पर भी असर आने की संभावना है। इस हाल में तो लगभग 30 फीसदी का घाटा होगा।”

पाले से बचाने के लिए किसानों को हल्की सिंचाई की सलाह।

किसान अपनी सरसों की फसल को पाले से बचाने के लिए खेतों में पानी देकर पौधों की सिंचाई कर दें। इससे खेत में फसलों को उचित तापमान मिलेगा और पौधों के बेहतर विकास के साथ उत्पादन में भी कोई नुकसान नहीं होगा। इसके साथ खेतों के चारों ओर धुआं करके पौधों को पाले की मार से बचाया जा सकता है। धुएं की वजह से पौधों पर बर्फ नहीं जम पाएगी।

कृषि विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार इस बार प्रदेश में सात लाख 81 हजार हेक्टेयर के क्षेत्रफल में सरसों की बुवाई की गई है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सेवानिवृत्त प्रभाकर त्रिपाठी का कहना है, “लगभग सात फीसदी फूल तो झड़ते हैं, लेकिन अगर हाल ऐसा रहेगा तब पैदावार पर असर आएगा ही, उत्पादन भी कम हो जाएगा। किसानों को अपनी फसलों का बचाव करना जरूरी है। पाले के साथ उन्हें माहू से भी बचाने के लिए छिड़काव करें। अभी से तैयारी सही रही तो माहू से फसल को बचाया जा सकता है।”

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