राजस्थान में किसानों की परेशानियों को दूर करने के लिए हो रहा ‘ग्राम’ का अायोजन

राजस्थान में किसानों की परेशानियों को दूर करने के लिए हो रहा ‘ग्राम’ का अायोजन‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ (ग्राम) का आयोजन उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 7 से 9 नवंबर को किया जा रहा है।

‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ (ग्राम) का आयोजन उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 7 से 9 नवंबर को किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि की नवीनतम जानकारियां देना है जिससे वर्ष 2022 तक उनकी आय दोगुनी हो सके।

‘ग्राम’ के इस आयोजन में उदयपुर संभाग (बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद और उदयपुर जिलों) की क्षमताएं प्रदर्शित की जाएंगी। इस आयोजन में पहली बार 20 हजार महिला किसानों को भी आमंत्रित किया गया है। आने वाले तीन दिनों में ग्राम उदयपुर में आधुनिक तकनीक द्वारा किसानों की समस्याओं का समाधान किया जायेगा। आयोजन में किसानों को ये भी बताया जाएगा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ किसान सीधे कैसे उठा सकें। ‘ग्राम’ का उद्देश्य किसानों को सम्मान, आमदनी, नवाचारों के क्षेत्र आदि की योजनाओं से जोड़ना है।

यह आयोजन कृषि क्षेत्र में नवाचारों एवं उद्यमितापूर्ण समाधानों को प्रदर्शित करने का मंच साबित होगा। इसमें विभिन्न कृषि कम्पनियों को स्वयं को प्रमोट करने और प्रमोटर्स ढूंढने में भी सहायता मिलेगी। इस मीट में राजस्थान के किसानों और कृषि उद्यमियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विकसित उत्पाद भी प्रदर्शित होंगे। यहाँ सबसे खास बात ये रहेगी कि कृषि और अन्य सहायक गतिविधियों को प्रदर्शित एवं प्रचारित किया जा सके। ‘ग्राम उदयपुर’ में कृषि से संबंधित प्रदर्शनियां, सम्मेलन, जाजम बैठकें, स्मार्ट फार्म और उद्योग आधारित चर्चाएं भी शामिल हैं।

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ग्राम में किसानों को दिकह्ये जायेंगे ये मॉडल

वैश्विक राजस्थान एग्रीटेक मीट उदयपुर के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कई ट्वीट किये गये जिसमें बताया गया –

  • 1200 वर्ग मीटर में बड़ी संख्या में डॉम बनाये गए हैं जिसमें अलग अलग प्रदर्शनी लगायी जाएंगी।
  • 12 विभागों के मंत्री किसानो के सवालो के जवाब देंगे।
  • किसान महिलाओं को मंडी में स्टाल देने की व्यवस्था की जाएगी।
  • सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री हर्ष वर्धन सिंह होंगे में शामिल
  • ग्राम उदयपुर में तीन दिनों में 7 केंद्रीय मंत्री समेत 24 मंत्री शामिल होंगे।
  • उन्नत कृषि यंत्रों के चुनाव एवं उनके रखरखाव के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
  • पशुओं के प्राथमिक उपचार एवं नस्ल सुधार के बारे में जागरूक किया जाएगा।
  • समेकित कीट प्रबंधन, दलहनी फसलों का उन्नत उत्पादन एवं जैविक खेती की सम्भावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
  • उदयपुर संभाग में मक्का की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए किसानों को 20 लाख तक अनुदान दिया जायेगा।

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ग्राम में लगाई जा रही कई फसलों की प्रदर्शनी

‘ग्राम’ के अंतर्गत राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में हर वर्ग के विकास को लेकर प्रभावी कदम उठाते हुए सार्थक प्रयास किये हैं। सरकार ने कृषकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र में नयी तकनीक व उद्यम को बढ़ावा देने, किसानों को तकनीकी से रूबरू कराने तथा उनके आर्थिक उत्थान को लेकर प्रभावी कदम उठाते हुए प्रदेश में पहली बार ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ (ग्राम) का आयोजन किया। इससे किसानों को जहां कृषि की नयी जानकारियां मिलीं, वहीं कृषि उद्यमिता को बढ़ावा के लिए भी मंच मिला। पिछले साल जयपुर में ‘ग्राम 2016‘ की सफलता के बाद अब ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ (ग्राम) का आयोजन सम्भागीय स्तर पर भी किया जा रहा है। सम्भागीय स्तर के ‘ग्राम’ का आयोजन सर्वप्रथम कोटा में इस वर्ष मई माह में किया गया था। इसी श्रृंखला में दूसरे ‘ग्राम’ का आयोजन अब उदयपुर में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 7 से 9 नवंबर को किया जा रहा है।

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ये चल रही है तैयारी

ग्राम में ‘स्मार्ट फार्म’ से रूबरू होंगे किसान

ग्राम’ उदयपुर में स्मार्ट फार्म में किसानों को नए आकर्षण देखने को मिलेंगे। स्मार्ट फार्म में फोरेस्ट प्रोडक्ट, हाइब्रिड मक्का के बीज उत्पादन की तकनीक, पर्ल कल्चर, सोयाबीन के प्रोसेस्ड खाद्यउत्पाद, ‘आर्गेनिक डूंगरपुर’ और मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान (एमजेएसए) के बारे में चर्चा होगी। 1200 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला ‘स्मार्ट फार्म’ ‘कृषि आय दोगुना करने’ की थीम पर आधारित होगा।

इन रणनीतियों में ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (बूंद-बूंद सिंचाई, जल संरक्षण और एमजेएसए के माध्यम से), मृदा स्वास्थ्य (मृदा जांच प्रयोगशालाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और आर्गेनिक खेती के माध्यम से), कटाई पश्चात कम नुकसान और मूल्य संवर्धन (प्रोसेसिंग तकनीक और विभिन्न फसलों से प्राप्त उत्पादों के माध्यम से), ई-नाम के माध्यम से नेशनल फार्म मार्केटिंग (इलेक्ट्रॉनिक-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट के जरिए) और अन्य सहायक कृषि गतिविधियों (डेयरी, मधुमक्खी पालन, मछली पालन, मशरूम उत्पादन और पशुपालन के माध्यम से) शामिल हैं।

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बहुपयोगी होगा ‘ग्राम उदयपुर’

कृषक समूहों, प्रगतिशील कृषकों, इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं जैसे कोल्ड चेन, भण्डारगृह, ग्रामीण गोदाम आदि विकसित करने वाले, कमोडिटी बोर्ड, एपीईडीए, एफएओ, आईएफएडी जैसी विकास एजेंसियों के लिए यह आयोजन बेहद उपयोगी साबित होगा। इसी तरह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान केन्द्रों के वरिष्ठ विशेषज्ञों, वित्तीय संस्थानों जैसे बैंक, नाबार्ड, सिडबी, राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि प्रबंध महाविद्यालयों से जुड़े शिक्षाविदों, भारतीय और विदेशी कृषि व्यापार और फूड कम्पनियों के लिए यह आयोजन काफी उपयोगी सिद्ध होगा।

सहयोग - पवन के टाक (जैविक कृषि विशेषज्ञ, राजस्थान)

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