खेती किसानी

किसानों की मदद करेंगे ये सरकारी व्हाट्सएप्प ग्रुप, ऐसे होगा काम

लखनऊ। सोशल मीडिया के बढ़ते दायरे को देखते हुए हर वर्ग इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने में जुटा है। उत्तर प्रदेश में किसानों को व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिए मदद पहुंचाई जाएगी और खेती-बाड़ी से जुड़ी उनकी समस्याओं का समाधान होगा।

कृषि विभाग के अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, औद्यानिक विभाग, इफ्को और भंडारण निगम सहित कई विभागों के अधिकारियों के साथ ही विभिन्न ब्लॉकों के उन्नत किसानों को साथ लेकर व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाए जाएंगे। प्रत्येक जिले के ये व्हाट्सएप्प ग्रुप किसानों की मदद करेंगे। जिनकी मदद से विभिन्न फसलों में अधिक उत्पादन, सरकारी योजनाओं के लाभ और शोषण से बचने के तरीके किसानों को बताए जाएंगे। इस संबंध में पंचायतीराज विभाग नोडल विभाग होगा। बाकी जिला प्रशासन के स्तर से इन ग्रुपों को बनाया जाएगा।

व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिये मण्डल में कहीं भी खाद बीज व उर्वरकों की कमी होगी तो उसकी जानकारी मिल सकेगी। किसानों को डीबीटी का फायदा दिलाने में ये ग्रुप बहुत काम आएगा।
अनिल गर्ग, मंडलायुक्त, लखनऊ

किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक, प्रमाणित बीज और कीटनाशक दवाएं उपलब्ध कराना हो या किसानों से जुड़ी सूचनाएं, नीतियां और कार्यक्रम उन तक पहुंचाना हों। उनकी समस्याओं के निराकरण व जानकारी के लिए प्रत्येक जनपद में एक वाहट्सअप ग्रुप बनाया जायेगा, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, जनपद के विकास खण्ड के कृषि विभाग से सम्बन्धित अधिकारी एवं प्रत्येक ब्लाक के पांच किसानों को ग्रुप में शामिल किया जायेगा। ताकि किसानों की समस्याओं का पता चल सके और उनका निस्तारण समय से कराया जा सके।

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किसानों में बढ़ रहा है मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल। फोटो- गांव कनेक्शऩ

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शासन स्तर पर ये माना गया है कि, किसानों और विभागीय अधिकारियों व उच्चधिकारियों के साथ सीधे संवाद के आदान प्रदान से कोई न कोई समाधान जरूर निकलता है। खेती की उत्पादकता और गुणवत्ता में वृद्धि के लिए किसानों को नई-नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादकता व गुणवत्ता को सुधारने के प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि नई तकनीकी हमेशा लाभदायक होती है, पुरानी तकनीक पर निर्भर न रहकर आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रयोग करना समय की आवश्यकता है। इसलिए अब व्हाट्सएप्प को इसमें एक बेहतर तकनीक के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।

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लखनऊ के मण्डलायुक्त अनिल गर्ग ने बताया कि प्रत्येक जिलाधिकारी प्रत्येक ब्लाक में एक प्रगतिशील किसान के यहां अवश्य जायें। खास कर उन किसानों के यहां जरुर जाएं जो जैविक विधि से खेती करते हैं और प्रगतिशील किसान हैं। ताकि दूसरे किसानों को भी लाभ पहुंचाया जा सके।

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