जालौन जिले से स्पेन तक पहुंच रही हरी मटर 

जालौन जिले से स्पेन तक पहुंच रही हरी मटर मटर की जानकारी लेते स्पेन से आए विशेषज्ञ

वरुण द्विवेदी, गाँव कनेक्शन

जालौन। जिले के किसानों के अच्छे दिन वाले हैं, यहां की मटर की खेती की जानकारी लेने विदेश से एक प्रतिनिधिमंडल जिले के ऐट में आए। यहां की मटर की मांग दूसरे देशों तक पहुंच रही है। जालौन में स्पेन से आयी उद्यमियों की एक टीम ने इफको के सहयोग से एट क्षेत्र में मटर की खेती का सर्वे किया। उनकी योजना यहां की मटर को अपने कारोबार से जोड़ने की है।

खेत पर जाकर जानी बारीकियां

स्पेन से आये प्रधिनिधि मंडल ने खुद ही खेतों पर जाकर हरी मटर की फसल को देखने और किसानों से बात करने की इच्छा जताई। इस पर उन्हें खेतों पर ले जाया गया। जहां काफी देर तक प्रतिनिधि मंडल ने मटर की फसलों को देखा और इफ्को के अधिकारियों से इतनी बढ़िया फसल कैसे पैदा की जाती है इसकी जानकारी देते हुए बताया। इफ्को के अधिकारियों ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि मटर के लिए उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अलावा एट की मिट्टी और उस पर किसानों की मेहनत से मटर की मिठास को और बढ़ा देते है।

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स्पेन की विशेषज्ञ टीम परखेगी हरी मटर की मिठास

सात समंदर पार से आई बुंदेलखंड के जालौन जिले में स्पेनी टीम का नेतृत्व बेनिटों जिमिनेज ने किया चार सदस्यीय टीम में उनके साथ एंजिल क्रिस्टलोजो, इन्गो एन्टोन और क्रिस्टोफर हर्वर्ट भी थे।

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उन्होंने डकोर विकास खंड के ग्राम धुरट में किसानों के साथ एक गोष्ठी आयोजित की, जिसमें किसानों को बेनिटों जिमिनेज ने बताया कि मुख्य रूप से वे लोग स्पेन में सर्दियों के व्यवसाय से जुड़े हैं, उनके पास कृषि उत्पाद को इतने सुरक्षित फ्रीजर में रखने की व्यवस्था है कि उसमें कभी खराबी नहीं आ सकती और वह ऐसा ही बुंदेलखंड में भी करना चाहते है, जिससे यहां के किसानों को फायदा हो सके।

मटर की जानकारी लेते

उन्होंने बताया कि यहां की मटर का स्वाद स्पेन तक प्रसिद्ध हो चुका है, जिसके लिये वह यहां तक आप सबसे मिलने चले आए। किसानों की समस्याओं को सुनने के बाद स्पेनिश टीम के मुखिया बैन्टो जिगेन्जो ने कहा भारत में खेती कैसे होती है, यह जानने के लिये वह यहां पर आए हैं, जिससे यहां की भौगौलिक स्थिति के बारे में पता कर सके। जब उनसे पूछा गया कि किसानों की उपज कैसे बढ़ाएंगे। इसके लिये आप क्या करेंगे और क्या निर्देश देंगे। जिस पर स्पेनिश टीम के मुखिया बैन्टो जिगेन्जो ने बताया कि वह यहां के किसानों को तकनीकी सहयोग प्रदान करेगें। ताकि उनका उत्पादन और आमदनी बढ़ सके।

बुंदेलखंड की बदलेंगे तस्वीर

बुंदेलखण्ड सूखा इलाका है इस पद्धति से किसानों को क्या तकदीर बदलेंगी तो इस पर उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से उनके द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले बीज व अन्य तकनीक से सूखा ग्रस्त बुंदेलखंड के किसानों को फायदा पहुंचेगा। स्पेन की तर्ज पर यहां खेती करेंगे तो यहां के किसानों को उनकी फसल की पैदावार बढ़ाने के लिये स्पेन की तकनीक का प्रयोग करेंगे और कुछ वर्षों में यहां भी लागू कर देंगे। और इसमें वह जरूर कामयाब रहेगें। उन्होंने बताया कि भारत में उनकी पहली विजिट है।

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फसलों का नहीं मिलता उचित मूल्य

किसान अपनी समस्या को बाहर से आई टीम को बताना चाह रहे थे क्यों की विदेशियों और किसानों की भाषा में अंतर था। फिर भी कंपनी के लोगों के माध्यम से बातचीत भी हुई, इसमें किसानों ने स्पेन की टीम को बताया कि कुछ बिचौलियों के कारण उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। इस पर स्पेन की टीम के सदस्यों ने उन्हें उचित मूल्य दिलाने की बात कहीं।

किसानों को किया सम्मानित

किसानों को किया गया सम्मानित

गोष्ठी के दौरान इफ्को की ओर से बेहतर खेती करने वाले उन्नतिशील किसान रामसिंह गिरथान, उमाशंकर दीक्षित खरुसा, धनाराम यादव भरसूर, धीरु राजपूत ऐधा, भरत सिंह अमीटा को विशेष किट देकर सम्मानित भी किया गया।

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