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हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने बाकला की नई किस्म की विकसित 

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने बाकला की नई किस्म की विकसित फाबाबीन का पौध।

हिसार (भाषा)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के वैज्ञानिकों ने फाबाबीन, जिसे सामान्य तौर पर बाकला बोला जाता है, की नई किस्म को विकसित किया है। ये नई किस्म एचएफबी..1 काफी उपज देने वाली किस्म है और इसमें पोषण की गुणवत्ता भी अधिक होती है।

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इस बात की जानकारी देते हुए एचएयू के कुलपति केपी सिंह ने कहा कि केंद्रीय पौध किस्म जारी करने वाली समिति ने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित समतल क्षेत्र में इस किस्म की खेती के लिए इसे जारी और अधिसूचित किया है। सिंह के अनुसार इस एचएफबी..1 किस्म को बीज उपज के मामले में राष्ट्रीय चेक किस्म विक्रांत से अच्छी गुणवत्ता का पाया गया है। हिसार में एचएफबी..1 किस्म बीज की उपज 43.50 क्विटल प्रति हेक्टेयर की है, जबकि विक्रांत की उपज 35.60 क्विटल प्रति हेक्टेयर की ही है।

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