उत्तर प्रदेश की 250 मंडियों का होगा आधुनिकीकरण

उत्तर प्रदेश की 250 मंडियों का होगा आधुनिकीकरणअब आधुनिक होंगी उत्तर प्रदेश की मंडियां, 250 मंडियों का होगा आधुनिकीकरण।

लखनऊ। राज्य भर की मंडियों से जुड़े किसान और कारोबारी अपने कारोबार को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा सके इसके लिए जल्द ही सभी मंडियों को नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर भी इस तरह का पोर्टल बनाया जाएगा। अनेक राज्य इस पोर्टल से पहले ही जुड़ चुके हैं मगर उत्तर प्रदेश जैसा बड़ा राज्य अब तक इसमें बहुत ज्यादा पीछे है। इस संबंध में अब प्रदेश सरकार ने कोशिशें शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर में मंडियों के आधुनिकीरण का काम भी तेजी से शुरू किया जाएगा।

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ई-नाम पोर्टल देश भर की मंडियों को एक मंच पर लाकर कारोबार को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने का एक माध्यम है। जिसमें कारोबारी ऑन लाइन बाजार का हिस्सा होते हैं और देश के स्तर पर उनका उत्पाद हाथोंहाथ बिक जाता है। मगर केंद्र और राज्य के बीच में खींचतान के चलते मंडिया जुड़ नहीं प्रदेश भर की मंडियो को और आधुनिक किया जाएगा। प्रदेश नवीन गल्ला मंडियों, सब्जी और अन्य उत्पादों की मंडियां मिला कर करीब 250 मंडियां हैं। जिनका अब आधुनिकीकरण होगा।

इस संबंध में कृषि निर्यात, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार राज्यमंत्री स्वाती सिंह ने कहा है कि मंडी समितियों की स्थिति में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। विशेष रुप से सफाई, शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कर-अपवंचन रोके जाने हेतु पांच मंडियों के गेट पर आटोमैटिक बैरियर, सीसीटीवी कैमरा जैसी आधुनिक व्यवस्था होगी। राज्यमंत्री नेबताया कि, केंद्र सरकार द्वारा आयोजित सेमिनार में प्रदेश स्तर पर ई-नेम पोर्टल (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट पोर्टल) विकसित किये जाएंगे।

इसके अलावा सफाई, शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कर-अपवंचन रोके जानेके लिए पांच मंडियों के गेट पर आटोमैटिक बैरियर, सीसी कैमरा जैसी आधुनिक व्यवस्था उपल्बध कराये जाने पर विचार किया जाए।

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राज्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा आयोजित सेमिनार में प्रदेश स्तर पर ई-नेम पोर्टल (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट पोर्टल) विकसित किए जाने हेतु की गई अपेक्षा के संबंध में कहा कि अन्य प्रदेशों में ई-नेम पोर्टल विकसित किया जा रहा है; उसी आधार पर मंडी परिषद द्वारा प्रदेश स्तर पर ई-नेम पोर्टल विकसित किए जाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने किसानों को मंडी परिषद की योजनाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से प्रचार-प्रसार कराये जाने के साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए बैंक, नाबार्ड, सिडबी के माध्यम से माइक्रोफाइनेन्सिग की व्यवस्था करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

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