हिमाचल में घट रही तो उत्तराखंड में बढ़ रही चाय की खेती

हिमाचल में घट रही तो उत्तराखंड में बढ़ रही चाय की खेतीफोटो: गाँव कनेक्शन

लखनऊ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनको कांगड़ा चाय की पत्तियों को उपहार में दिया था। पूरी दुनिया में उस समय विश्व प्रसिद्द कांगड़ा चाय की चर्चा हुई थी, लेकिन इसके बाद भी कांगड़ा चाय बागानों की हालत नहीं बदले। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा चाय के बागान जहां दिनों-दिन कम होते जा रहे हैं, वहीं दूसरे पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में लगभग 181 साल बाद चाय की खेती की फिर शुरुआत की गई है।

बड़ी मात्रा में चाय की खेती को दे रहे बढ़ावा

उत्तराखंड में चाय की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड बनाकर बड़ी मात्रा में चाय की खेती को बढ़ावा दे रहा है। उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के निदेशक डॉ. बीएस नेगी बताते हैं, “उत्तराखंड में 200 साल पहले से चाय की खेती हो रही है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यहां चाय की खेती घट रही थी। जिसे फिर से शुरू किया गया है।''

रियल स्टेट के लोग खरीद रहे चाय के बगान

हिमाचल की कांगड़ा चाय अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। हिमाचल के चाय किसान रमेश सिंह ठाकुर ने बताया, “पालमपुर और धर्मशाला में चाय के बगानों की संख्या दिन-प्रतिदिन इसलिए घट रही है क्योंकि बागान मालिकों को रियल स्टेट से अच्छे दाम मिल रहे हैं। रियल स्टेट मालिक इन चाय के बागानों को मिटाकर बिल्डिंग बनाने में लगे हुए हैं ताकि पैसा कमाया जा सके।''

तब भी नहीं उठाया गया कोई ठोस कदम

रमेश सिंह आगे बताते हैं, “एक तरफ रियल स्टेट इन बगानों में सिर्फ पैसा कमाने के लिए दिलचस्पी दिखा रही है तो दूसरी तरफ सरकार 110 साल पुरानी सभ्यता के प्रति उदासीन व्यवहार कर रही है। खुद पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांगड़ा की चाय उपहार स्वरूप दे चुके हैं, इसके बाद भी बगानों को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।“

18 प्रतिशत चाय के बागानों की स्थिति दयनीय

चाय उत्पादन में दुनिया में दूसरे नंबर पर आने वाले भारत में कई चाय बागानों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। चाय बोर्ड के अनुसार, भारत में जितने में भी चाय बागान हैं, उसमें से 18 प्रतिशत की स्थिति बहुत ही दयनीय है। देश के 16 राज्यों में चाय के बागान हैं। असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में देश का 95 प्रतिशत हिस्सा पैदा होता है। चाय बोर्ड के अनुसार पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग चाय दुनिया की सबसे महंगी और खुशबूदार चाय मानी जाती है, यहां पर लगभाग 86 बागान हैं, जहा चाय तैयार की जाती है।

चाय उत्पादन में सबसे बड़ा राज्य असम

चाय उत्पादन में असम देश का सबसे बड़ा राज्य है। तमिलनाडु का नीलगिरि पहाड़ भी चाय उत्पादन के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। केरल का मुन्नार हिल स्टेशन में भी एक ऐसी जगह हैं, जहां बड़ी मात्रा में चाय बागान हैं। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा चाय भी देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है, लेकिन इसका अस्तित्व भी अब खतरे है।

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