सामान्य मानसून से बढ़ेगा भारत का खाद्यान्न उत्पादन 

सामान्य मानसून से बढ़ेगा भारत का खाद्यान्न उत्पादन मानसून से बढ़ेगा खाद्यान्न उत्पादन।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

बाराबंकी। खरीफ कॉन्फ्रेंस 2017 में इस वर्ष अच्छे मानसून से रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन होने की उम्मीद जताई गई है। इससे पहले मौसम विभाग ने भी इस बार सामान्य मानसून रहने की भविष्यवाणी की थी। खरीफ फसल सत्र में अच्छी बारिश होने से किसानों को जबरदस्त अनाज उत्पादन होने की उम्मीद है।

बाराबंकी जिले के मोहसंड गाँव के मो. आसिम (46 वर्ष) 40 बीघे में गेहूं, धान की खेती करते हैं। गाँव के आस-पास नहर और सरकारी नलकूप न होने से गाँव के अधिकतर किसान पंप से ही सिंचाई करते हैं। मो. आसिम बताते हैं, “पिछले साल देर से बरसात हुई थी, इसलिए सिंचाई के लिए पैसे खर्च करने पड़े थे। अगर मानसून जून महीने के शुरुआत में आ जाता है, तो बहुत अच्छा धान होगा और खर्चा भी कम होगा।”

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नई दिल्ली में हुई खरीफ कॉन्फ्रेंस 2017 में केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने इस वर्ष मानसून से किसानों को राहत मिलने की बात कही। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, “अगर इस साल मानसून में अच्छी बारिश होती है तो कृषि वर्ष 2017-18 में रिकॉर्ड 27.3 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन हो सकता है।” भारत ने आखिरी बार सबसे ज्यादा अनाज उत्पादन वर्ष 2013-14 में किया था, वो भी 26 करोड़ 50 लाख टन। इसके बाद से अगले दो वर्ष लगातार सूखे के चलते उत्पादन घटता गया। वर्ष 2015-16 में देश में कुल अनाज उत्पादन 25 करोड़ 32 लाख टन था। कृषि मंत्रालय के मुताबिक फसल वर्ष 2016-17 के दौरान देश में रिकॉर्ड 27.198 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन होगा। इसके अलावा मोटे अनाज, गेहूं, चावल, दलहन और तिलहन का उत्पादन पिछले सभी रिकॉर्ड को पार कर सकता है।

टिकैतगंज कस्बे के किसान मोतीलाल (30 वर्ष) ने पिछले वर्ष 15 बीघे में धान की फसल ली थी। मोतीलाल बताते हैं, “सरकार कह रही है कि मानसून ठीक-ठाक रहेगा तो हम भी धान की बुवाई जल्दी कर लेंगे। बारिश अच्छी रही तो पिछले वर्ष से बढ़िया अनाज होगा।” देश में मानसून की वर्षा पर चावल, कपास, सोयाबीन जैसी फसलें मुख्यरूप से निर्भर करती हैं। मानसून के चार महीनों में 89 सेंटीमीटर औसत बारिश होती है। 80 फीसदी बारिश मानसून के चार महीनों जून-सितंबर के दौरान होती है। देश की 65 फीसदी खेती-बाड़ी मानसूनी बारिश पर निर्भर है। अच्छे मानसून के कारण इस वर्ष धान का रकबा भी बढ़ सकता है।

बाराबंकी जिले के बसारी गाँव के किसान विजय कुमार (50 वर्ष) के पास 20 बीघा खेत है। मानसून अच्छे रहने पर किसानों को जल्द खेत की तैयारी कर लेने की बात कहते हुए किसान विजय बताते हैं, “मानसून सामान्य रहने पर किसानों को खेत की तैयारी मई के तीसरे सप्ताह से शुरू कर देनी चाहिए।”

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