जल्द ही घर से ही मंडी चुन सकेंगे किसान : यूपी कृषि मंत्री

जल्द ही घर से ही मंडी चुन सकेंगे किसान : यूपी कृषि मंत्रीकिसान गोष्ठी में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही।

बाराबंकी। जिले के फतेहपुर में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। किसान गोष्ठी के दौरान “भगवद्गीता और संघ” नामक लघु पुस्तिका का विमोचन कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किया।

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उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा, “किसान पशुपालन भी करें, पशुओं के गोबर से जैविक खाद तैयार करें, जिससे लागत कम आएगी और उत्पादन बढ़ेगा।” आगे कहा, “किसान को दो हेक्टेयर तक 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध करवा रहे हैं। इतना ही नहीं, कृषि यंत्रों पर 40-50 प्रतिशत तक का अनुदान दे रहे हैं। इसके द्वारा वो अपने यंत्रों का प्रयोग करके अपनी लागत को घटा सकते हैं।”

मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने आगे कहा, “मिट्टी की जाँच कर बताया जा रहा है कि किस खाद का किसान प्रयोग करें। इसके अलावा धैंचे की खेती और दलहन की खेती को बढ़ावा दिया जायेगा। इससे हरी खाद का किसान प्रयोग कर सकेंगे। वहीं, औषधि और फूल की खेती को बढ़ावा दिया जायेगा। जल्द ही आप घर बैठे जिस मंडी में चाहेंगे, वहां बेच सकेंगें और ये भी चुनाव कर सकेंगे कि जहां पर मंडी का भाव अच्छा है, वहीं बेंचें।”

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उन्होंने कहा, “पशुओं की संख्या बहुत कम होती जा रही है, ऐसी स्थित में किसानों को दुधारू पशुओं का पालने तथा उनके संर्वधन करने की आवश्यकता है। गेहूं और धान के साथ साथ दलहन की फसल के उत्पादन के लिए भी किसान अपना योगदान किए क्योंकि चना, मटर, दलहन फसलों के बीजों पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छूट का प्राविधान किया गया है।”

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उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने राष्ट्र का गौरव पूरी दुनिया में बढ़ाने का कार्य किया है। भारत को दुनियां का विश्व गुरू बनाने के लिए जो संघ द्वारा राष्ट्रीय विचार अभियान का कार्यक्रम चलाया गया है वह एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए सुझाव देते हुए कहा कि आलू के मुकाबले साढे तीन गुना अधिक मुनाफा देने वाली पपीता एवं केले की खेती है।

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दलहन की फसलों और सरसो की फसलों के बीजों को अनुदान पर प्रदेश के समस्त जनपदों में कृषि रक्षा इकाई पर उपलब्ध कराया जा रहा है। वही कृषि यंत्रों पर भी कई प्रकार के अनुदान दिए गए है तथा सोलर पंपों पर भी किसानों को सरकार द्वारा अनुदान देकर उन्हें उन्नतिशील बनाने का कार्य किया जा रहा है।

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