मांग बढ़ने से मेंथा तेल में आई मजबूती

मांग बढ़ने से मेंथा तेल में आई मजबूतीइसी टैंक में मेंथा को पकाया जाता है।

हाजिर बाजार में खपत वाले उद्योगों की मांग बढ़ने से वायदा बाजार में सटोरियों का समर्थन बढ़ने से मेंथा तेल का भाव 1.59 प्रतिशत बढ़कर 1,330.50 रुपये किलो हो गया। इसके साथ ही उत्पादक केन्द्रों से आवक घटने और स्टॉक स्थिति तंग होने से भी बाजार में मजबूती का रुख रहा।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में मई माह के डिलीवरी अनुबंध में मेंथा तेल वायदा 20.80 रुपये यानी 1.59 प्रतिशत बढ़कर 1,330.50 रुपये किलो हो गया। इस अनुबंध में 43 लॉट के लिये कारोबार किया गया। इसी प्रकार अप्रैल माह में डिलीवरी अनुबंध के लिये मेंथा तेल वायदा भाव 10 रुपये यानी 0.69 प्रतिशत बढ़कर 1,466.80 रुपये प्रति किलो हो गया। इस अनुबंध में 204 लॉट के लिये कारोबार हुआ।

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बाजार सूत्रों के अनुसार उपभोक्ता उद्योगों की मांग निकलने से हाजिर बाजार में गतिविधियां बेहतर रहीं। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के चंदौसी जैसे उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति कम रहने से बाजार में तेजी का रुख रहा। इस स्थिति को देखते हुये सटोरियों ने अपने सौदे बढ़ा दिये।

मेंथा टैंक की सफाई करता युवक।

कई किसान इसे पुदीना भी कहते हैं

हमारे देश में मेंथा की खेती बड़े पैमाने पर होती है, इसे कई अलग –अलग नामों से भी जाना जाता है, देश के कई हिस्सों में इसे मेंथा प्रीपरेटा कहा जाता है तो कई किसान इसे पुदीना भी कहते हैं। कुल मिलाकर मेंथा, मेंथा प्रीपरेटा और पुदीना की एक ऐसी प्रजाति है, जिससे बहु उपयोगी तेल निकाला जाता है, जिसकी खेती आर्थिक तौर किसानों के लिए बेहद लाभदायक है।

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यह फसल नैनीताल, बदायूं, बिलासपुर, रामपुर, मुरादाबाद और बरेली के तराई क्षेत्रों में बड़े स्तर पर की जाती है, साथ ही देश के दोआबा क्षेत्रों- बारांबंकी, लखनऊ के किसान भी मेंथा की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं, देश के उत्तरी पश्चिमी राज्य पंजाब के लुधियाना और जालंधर के कुछ इलाकों में इसकी खेती की जाती है।

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मेंथा के किसान इन बातों का रखें ध्यान

हमेशा मिंट की उन्नत किस्मों का करें चुनाव

3 से 4 इंच से ज्यादा बड़ी न हो मेंथा की पौध

छोटी क्यारियों में कतार विधि से करिए मेंथा की खेती

लाइन से लाइन की दूरी 45 सेंटीमीटर, पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटी. रखें

गेहूं काटकर मेंथा लगाने वाले लाइन से लाइन की दूरी 30 सेटीं और पौधों के बीच की दूरी रखें 10 सेंटी

खेत में पूरब-पश्चिम में मेंथा की रोपाई करें किसान

निराई-गुड़ाई से बचने के लिए मेंथा में करें पुवाल (पायरा) की मल्चिंग

मात्र 200-300 रुपए के खर्च में मल्चिंग की ये नई तकनीकी किसानों के बचा सकती है हजारों रुपए

(भाषा से इनपुट)

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