गन्ना किसानों को नरेंद्र मोदी सरकार ने दिया तोहफा

Arvind shukklaArvind shukkla   24 May 2017 8:38 PM GMT

गन्ना किसानों को नरेंद्र मोदी सरकार ने दिया तोहफाकेंद्र ने गन्ने का मूल्य 255 रुपए प्रति कुंटल तय किया।

नई दिल्ली। गन्ना किसानों के लिए राहत की ख़बर है। केंद्रीय कैबिनेट ने गन्ना की एफआरपी में 10.8 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इसी के साथ केंद्र की तरफ से गन्ने का मूल्य 255 रुपये प्रति कुंटल होगा। राज्य सरकारों इस पर अपनी तरफ से बोनस देकर समर्थन मूल्य तय करती हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने बुधवार ट्विट कर बताया कि सरकार ने गन्ने की एफआरपी में 10.8 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए मूल्य 255 रुपये प्रति कुंटल कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले से 5 करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा होगा।

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केंद्र सरकार ने बुधवार को अक्तूबर से शुरु होने वाले चीनी सत्र 2017-18 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 25 रपये प्रति क्विंटल बढाकर 255 रपये करने का फैसला किया। ये फैसला आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में लिया गया। एफआरपी वह न्यूनतम मूल्य है जिसे प्राप्त करने की गांरटी गन्ना किसानों को कानून रुप से है। हालांकि राज्य सरकारें अपना खुद का प्रदेश परामर्शित मूल्य (एसएपी) निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र हैं और चीनी मिलें एफआरपी से अधिक कोई मूल्य देने की सिफारिश कर सकती हैं।

बैठक के बाद वित्त मंत्री अरण जेटली ने संवाददाताओं से कहा, “चीनी मिलों की स्थिति में सुधार हुआ है। वर्ष 2017-18 में गन्ने के लिए 255 रपये क्विंटल का एफआरपी रखे जाने को मंजूरी दी गई है जो मौजूदा स्तर से 10.6 प्रतिशत अधिक है। यह मूल्यवृद्धि कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के अनुरुप है। आयोग एक सांविधिक निकाय है और सरकार को प्रमुख कृषि उत्पादों के लिए मूल्य नीति के बारे में परामर्श देता है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष गन्ने के एफआरपी को 230 रपये प्रति क्विंटल पर अपरिवर्तित रखा गया था। उत्पादन की बढती लागत और चीनी की मजबूत दरों के मद्देनजर चीनी मिलों की भुगतान करने की क्षमता को देखते हुए वर्ष 2017-18 के लिए अधिक दरों का निर्धारण किया गया है।

प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे के कारण चालू वर्ष में गन्ने का उत्पादन 12 प्रतिशत घटा है। हालांकि वर्ष 2017-18 में मौसम विभाग ने सामान्य मानसून रहने की भविष्यवाणी की है जिससे उत्पादन की बेहतर संभावना नजर आ रही है।

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