किसान केंद्रित योजनाओं से फसल पैदावार बढ़ी : राष्ट्रपति  

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   31 Jan 2017 2:20 PM GMT

किसान केंद्रित योजनाओं से फसल पैदावार बढ़ी : राष्ट्रपति  राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी।

नई दिल्ली (आईएएनएस)| बजट सत्र 2017-18 के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि अच्छे मानसून के साथ ही किसान केंद्रित योजनाओं के कारण फसलों की पैदावार बढ़ी है।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा, "अच्छे मानसून के साथ ही किसान केंद्रित योजनाओं के कारण बुवाई क्षेत्र और खरीफ फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी हुई है।" मुखर्जी ने कहा, "रबी की फसल के वर्तमान मौसम में बुवाई क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में छह प्रतिशत का इजाफा हुआ है।"

सरकार के सक्रिय उपायों से दालों की कीमतें नियंत्रण में

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कृषि क्षेत्र के संपूर्ण विकास पर सरकार का ध्यान केंद्रित होने का आश्वासन देते हुुए आज कहा कि सरकार के सक्रियता से किए गए उपायों की वजह से दालों की कीमतें अब नियंत्रण में हैंं।

उन्होंने कहा कि अनुकूल मानसून और किसानोन्मुख सरकारी परियोजनाओं से खरीफ फसलों के क्षेत्रफल एवं उपज में वृद्धि हुई है और वर्तमान रबी मौसम में बुवाई क्षेत्र में भी गत वर्ष की तुलना में छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

माननीय सदस्यों को याद होगा कि पिछले वर्ष इसी समय दालों की कीमतों में तेजी से हुई वृद्धि गंभीर चिंता का विषय था। मेरी सरकार ने सक्रियता से उपाय किए और दालों की कीमतें अब नियंत्रण में हैं।
प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति

उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य प्रदान करने तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए 20 लाख टन दालों का बफर स्टॉक रखने की योजना है जिसके अंतर्गत आठ लाख टन दालें अब तक खरीदी जा चुकी हैं।

पिछले साल सूखे की वजह से घरेलू उत्पादन कम हुआ था और खुदरा बाजार में दालों का मूल्य 200 रुपए प्रति किलोग्राम के पार हो गया था। हालांकि इस साल मानसून अच्छा होने से हालात में सुधार की उम्मीमुखर्जी ने किसान के कल्याण में ही राष्ट्र की समृद्धि बताते हुए कहा, ‘‘मेरी सरकार ने किसानों के जीवन में बदलाव लाने के लिए कई कदम उठाये हैं. हमारा ध्यान कृषि क्षेत्र के संपूर्ण विकास पर केंद्रित है जैसे सस्ता ऋण उपलब्ध कराना, बीज और उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करना, सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाना, व्यापक जोखिम सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से बेहतर उत्पादकता, ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (ईएनएएम) के माध्यम से उत्पाद के लिए सुनिश्चित बाजार और लाभकारी कीमतें आदि।''

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' में जोखिम कवरेज को विस्तृत किया गया है, बीमा राशि को दोगुना कर दिया गया है और किसानों के लिए प्रीमियम राशि को अब तक के न्यूनतम स्तर पर लाया गया है। 2016 खरीफ फसल की अवधि के दौरान लगभग 3.66 करोड़ किसानों के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपएए की राशि का बीमा किया गया है।

जल्द ही तीन करोड़ रुपे डेबिट कार्ड्स बनेंगे

राष्ट्रपति ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्डों को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से मौजूदा काडोंर् के अलावा तीन करोड़ क्रेडिट कार्डों को जल्द ही रुपे डेबिट क्रेडिट कार्डों में बदला जाएगा। नाबार्ड निधि की राशि को दोगुना करके 41 हजार करोड़ रुपए किया गया है ताकि सभी किसानों को आसानी से ऋण उपलब्ध हो सके।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का कवरेज बढ़ाया गया

उन्होंने कहा कि ‘हर बूंद अधिक फसल' और ‘हर खेत को पानी' को ध्यान में रखते हुए ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' का कवरेज बढ़ाया गया है। पिछले दो वर्षों के दौरान 12.7 लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर सूक्ष्म सिंचाई की व्यवस्था की गयी है।

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