रबी बुवाई सीजन 2017-18 में देशभर में करीब 7 फीसदी घटा गेहूं का रकबा पर चने का रकबा बढ़ा 

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   9 Dec 2017 11:15 AM GMT

रबी बुवाई सीजन 2017-18 में देशभर में करीब 7 फीसदी घटा गेहूं का रकबा पर चने का रकबा  बढ़ा गेहूं के खेत में छिड़काव करता किसान। फाइल फोटो 

नई दिल्ली (आईएएनएस)। चालू रबी बुवाई सीजन (2017-18) में देशभर में जहां प्रमुख रबी फसल गेहूं का रकबा घटा है वहीं दलहनों के रकबे में इजाफा देखा जा रहा है। खासतौर से चना का रकबा 10 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया है।

केंद्रीय कृषि सहकारिता एवं कल्याण विभाग की वेबसाइट पर शुक्रवार को प्रकाशित रबी बुवाई के साप्ताहिक अपडेट के मुताबिक देशभर में गेहूं की बुवाई 190.87 लाख हेक्टेयर भूमि में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के आंकड़े 203.56 लाख हेक्टेयर से 6.24 फीसदी कम है।

वहीं, चने की बुवाई अब तक 89.59 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल का रकबा 81.25 लाख हेक्टेयर से 10.25 फीसदी ज्यादा है।

सभी रबी दलहनों का रकबा 127.62 लाख हेक्टेयर पहुंच चुका है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 119.73 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया था। इस तरह पिछले साल के मुकाबले दलहनों के रकबे में 6.59 फीसदी का इजाफा हुआ है।

तिलहनों की खेती में भी इस बार किसानों ने कम दिलचस्पी दिखाई है। जाहिर है कि अब तक प्राप्त आंकड़ों में पिछले साल के मुकाबले 6.05 फीसदी तिलहनों की बुवाई पिछड़ी है। सबसे ज्यादा सरसों की बुवाई 59.36 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के आंकड़े 64.21 लाख हेक्टेयर से 7.55 फीसदी कम है।

सभी रबी तिलहनों का रकबा 67.79 लाख हेक्टेयर है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 72.16 लाख हेक्टेयर था। हालांकि मूंगफली, सूर्यमुखी, अलसी और तिल के रकबे में इजाफा देखा जा रहा है।

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राज्यों से प्राप्त आरंभिक सूचना के अनुसार 8 दिसंबर तक 442.29 लाख हेक्टेयर जमीन पर रबी की बुवाई की गई, जबकि पिछले वर्ष 2016 में इसी समय 448.48 लाख हेक्टेयर जमीन पर बुवाई की गई थी। चावल 11.87 लाख हेक्टेयर और मोटा अनाज की 44.14 लाख हेक्टेयर जमीन पर बुवाई/रोपाई की गई।

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