गेहूं की बुवाई करने की नई तकनीक, कम पानी में होगी अधिक सिंचाई

गेहूं की बुवाई करने की नई तकनीक, कम पानी में होगी अधिक सिंचाईगेहूं बुवाई की मशीन।

समय के साथ-साथ खेती में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। अभी भी बहुत से किसान गेहूं की बुवाई बीज को हाथों से छिड़क कर ही करते हैं, लेकिन आज के समय ऐसी मशीन आ गई है जिससे किसान गेहूं की बुवाई कर सकते हैं, जिससे न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि इससे कई और फायदे भी होते हैं। आइये हम आपको बताते हैं कि ट्रैक्टर चालित रेज्ड बेड सीड ड्रिल से गेहूं की बुवाई कैसे होती है और इसके क्या फायदे हैं।

ट्रैक्टर चालित रेज्ड बेड सीड ड्रिल मशीन मिट्टी उठा कर बुवाई करने की तकनीक पर आधारित है। इसमें मिट्टी उठाने के लिये रिजर तथा बेड बनाने के लिये बेड शेपर लगे होते हैं। रेजर बनने वाली नाली (बरे) की चौड़ाई घटाई-बढ़ाई जा सकती है। मशीन के अगले भाग में लगे रेजर मिट्टी उठाने के लिये का कार्य करते हैं, फरो ओपनर इस उठी हुई मिट्टी पर बुवाई करता हैं, तथा बेड शेपर उस उठी हुई मिट्टी को रूप देते हैं।

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इस तकनीक से बुवाई करने से फसल वर्षा के पानी का भरपूर उपयोग करती है तथा सिंचाई की स्थिति में काफी कम पानी लगता है तथा कार्य जल्दी पूरा हो जाता है। इस पद्धति से बुवाई करने से 4 एकड़ की सिंचाई करने में जितना पानी लगता है उतने ही पानी से 6 से 8 एकड़ की सिंचाई की जा सकती है।

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