अब केला और मिर्च उत्पादक किसान को भी मिलेगा फसल बीमा योजना का लाभ

अब केला और मिर्च उत्पादक किसान को भी मिलेगा फसल बीमा योजना का लाभप्रदेश के केला और मिर्च किसानों के लिए अच्छी खबर। 

लखनऊ। खरीफ की मुख्य फसल धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, तिल, सोयाबीन और मूंगफली उगाने वाले किसानों की तरह प्रदेश के केला और मिर्च उत्पादक भी अब फसल बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं।

यह जानकारी उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक ज्ञान सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना में किसान अपनी फसल का बीमा अपने नजदीक के सहकारी, व्यवसायिक बैंक जाकर या बीमा कंपनी के एजेंट के माध्यम से बीमा करा सकते हैं। इस योजना में बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है।

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मौसम की अनिश्चितता और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की फसल के नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाकर फसलों को बीमा कवर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश किसानों को और ज्यादा लाभ देने के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना 2017-18 नाम से एक और योजना संचालित की जा रही है। इस योजना में इस साल खरीफ सीजन की मुख्य फसलों तो शामिल थी लेकिन इसमें केला और मिर्च की फसल शामिल नहीं थी। ऐसे में केला और मिर्च उगाने वाले किसान इसको लेकर परेशान थे, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने केला और मिर्च को भी इस योजना में शामिल करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

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मौसम आधारित फसल बीमा योजना 2017-18 में केला के लिए कुशीनगर, गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, बहराइच, बाराबंकी, इलाहाबाद और कौशाम्बी जिले के शामिल किया गया है, वहीं मिर्च के लिए फतेहपुर, फिरोजाबाद, बाराबंकी, बरेली, खीरी, मिर्जापुर और शाहजहांपुर के किसान इस योजना के तहत अपनी फसल को बीमा कवर करवा सकते हैं।

किसानों को नहीं मिलता योजनाओं का लाभ

मौसम की मार और प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को देखते हुए कृषि विभाग की तरफ से फसल बीमा योजना की गई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जागरुकता के अभाव में किसान इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। ऐसे में किसानों को अपनी फसल बीमा से संबंधित सभी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाए इसके लिए फसल बीमा पोर्टल- www.farmer.gov.in/insurance तैयार किया गया है। किसान इस सुविधा के माध्यम से विभिन्न कृषि बीमा कंपनियों के डेटाबेस में जाकर उनके क्षेत्र में आवंटित विभिन्न बीमा योजनाओं का विवरण और लागू प्रीमियम की जानकारी प्राप्त कर कर सकते हैं।

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सोशल मीडिया के तहत किसानों को दी जा रही जानकारी

कृषि विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में लगभग 20 प्रतिशत फसली क्षेत्र ही बीमित हो पाया है। ऐसे कम कवरेज के पीछे का मुख्य कारण यह है किसानों को सरकार की तरफ से चलाई जा हरी योजनाओं की जहां जानकारी नहीं है वहीं बीमा कंपनियां भी न तो किसानों को जागरूक करती हैं और न ही समय से बीमा करने में मदद करती हैं। किसान अपनी फसल का बीमा समय से करवा सकें इसको लेकर कृषि विभाग की तरफ से जागरुकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। विभिन्न प्रचार माध्यमों से किसानों को फसल बीमा योजना की जानकारी दी जा रही है, इकसे लिए एसएमएस और सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और टि्वटर से भी किसानों को जानकारी दी जा रही है।

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