ग्रीन हाउस लगवाने पर सरकार दे रही 50 प्रतिशत अनुदान, जल्द करिए आवेदन

ग्रीन हाउस लगवाने पर सरकार दे रही 50 प्रतिशत अनुदान, जल्द करिए आवेदनजिला उद्यान अधिकारी कार्यालय पर ग्रीन हाउस के लिए अपना आवेदन जमा करें। 

अगर आप बागवानी फसलों की खेती करते हैं और कम समय में फलों और सब्जियों की अच्छी पैदावार चाहते हैं, तो ग्रीन हाउस में खेती करना आपके लिए कारगर साबित हो सकता है। ग्रीन हाउस लगवाने पर आने वाले खर्च का आधा हिस्सा सरकार अपनी ओर से दे रही है।

किसान ग्रीन हाउस में मटर, शिमला मिर्च, खीरे, लौंकी, ब्रॉकली, हरी मिर्च और टमाटर जैसी सब्जियों को उगा सकते हैं। ग्रीन हाउस में एक साथ कई फसलों की खेती हो सकती है और किसान इसमें दूसरे मौसम की सब्जियां भी उगागर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

ग्रीन हाउस में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा खुले वातावरण की तुलना में कहीं अधिक होती है,जिससे पौधों में फोटोसेंथिसिस की प्रक्रिया बढ़ जाती है। इससे फसल की पैदावार तेज़ी से बढ़ती है और ग्रीन हाउस में स्वायल स्टेरेलाईज़ेशन अच्छी मात्रा में होता है। इससे मृदा जनित फफूंद और अन्य रोगों का प्रकोप भी कम हो जाता है।

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ग्रीनहाउस में सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने कई सब्जियों की उन्नत किस्में भी विकसित की हैं, जो ग्रीन हाउस में आसानी से उगाई जा सकती हैं। ये किस्में हैं टमाटर की पूसा-चेरी-1, हिमशिखर, हरी शिमला मिर्च की बोम्बे -1, पीली शिमला मिर्च की ओरो बेली और खीरे की डिस्कवरी किस्में हैं।

ग्रीनहाउस में खेती के लिए ढांचाकृत वातावरण अधिक फायदेमंद होता है। इसमें खेत में उगाई जाने वाली सब्जियों की तुलना में फलोत्पादन जल्दी होता है। इससे सब्जियों की पैदावार जल्दी होती है और फसल में रोग व कीटाणुओं का प्रकोप भी कम होता है।

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कैसे करें ग्रीन हाउस का आवेदन

किसान ग्रीन हाउस और पॉलीहाउस लगवाने के लिए जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय पर अपना आवेदन जमा करा सकते हैं। ग्रीन हाउस लगाने के लिए सरकार 50 फीसदी का अनुदान भी देती है। 1000 वर्ग मीटर का ग्रीन हाउस लगवाने की लागत 8.5 से 09 लाख रुपए है, कुल लागत में से 4.3 - 4.5 लाख रुपए की सब्सिडी सरकार देती है।

ग्रीन हाउस की खेती की विशेषताएं

- फसलों में संकर बीजों के उत्पादन के लिए ग्रीन हाउस बहुत ज़रूरी है।
- संरक्षित खेती की मदद से सब्जियों का उत्पादन बढ़ता है।
- कम क्षेत्र में अच्छी पैदावार के लिए संरक्षित खेती एक कारगर उपाय है।
- ग्रीन हाउस में उत्पादित बागवानी उत्पाद में गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे मंडी में अच्छा दाम मिलता है।

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ग्रीन हाउस में उगाई जाने वाली सब्जियां

मटर,शिमला, मिर्च,खीरे,लौंकी,ब्रॉकली,हरी मिर्च, टमाटर, हरी प्याज, सेम, चुकन्दर, भिंडी, शलगम
मूली, गाजर, अदरक , कद्दू , स्वीटकॉर्न और मशरूम जैसी फसलों को ग्रीन हाउस में आसानी से उगाया जा सकता है।

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