गन्ने की बढ़िया फसल के लिए खेत-खेत जाएंगे अफसर

गन्ने की बढ़िया फसल के लिए खेत-खेत जाएंगे अफसरगन्ने की बढ़िया फसल के लिए खेत-खेत जाएंगे अफसर।

लखनऊ। प्रदेश में इस साल गन्ने की बढ़िया फसल हो और किसानों को शुगर मिल संचालकों के किसी भी तरह के शोषण का सामना न करना पड़े इसको लेकर अफसर अब खेत खेत जाकर सर्वे करेंगे। वे जमीनी आंकड़े जुटाएंगे। चीनी मिलों के प्रबंधक और गन्ना विभाग के अफसर दोनों इनमें शामिल होंगे। इसके साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर किसानों के बीच में प्रचार प्रसार का काम भी अफसर करेंगे।

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सरकार गन्ना किसानों को लेकर बहुत गंभीर है। सरकार का दावा है कि गन्ना राज्य मंत्री सुरेश राणा की कोशिशों से सरकार करीब 6500 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान शुगर मिल संचालकों से किसानों का करवा चुकी है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश के सभी प्रधान प्रबन्धक, सभी मुख्य गन्ना अधिकारी, चीनी मिलें, उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ को निर्देश दिए हैं कि वे पेराई सत्र 2017-18 वास्ते गन्ना सर्वेक्षण शुरू करवा दें। इसको गुणवत्तापूर्ण सम्पन्न किए जाने के लिए चीनी मिल के प्रधान प्रबन्धक सप्ताह में तीन दिन तथा मुख्य गन्ना अधिकारी प्रतिदिन दोनों पालियों में क्षेत्र भ्रमण अवश्य करें।

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उन्होंने बताया कि मुख्य गन्ना अधिकारी दोनों पालियों प्रातः 07:00 बजे से 11:00 बजे तक और शाम 4:00 से 7:00 बजे मध्य करेंगे। गन्ना सर्वेक्षण के साथ किसान गोष्ठियों के माध्यम से गन्ना विकास के संबंध में कृषकों के मध्य प्रचार-प्रसार कर गन्ना किसानों को लाभान्वित किया जाए। आयुक्त ने कहा कि गन्ना सर्वेक्षण के कार्यों के कुशल सम्पादन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय। सर्वेक्षण में पारदर्शिता व शुद्धता के दृष्टिगत प्रदेश के समस्त उप गन्ना आयुक्त/जिला गन्ना अधिकारियों को विधिवत् प्रचार-प्रसार करते हुए गन्ना किसान गोष्ठियों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निवारण तथा शत्-प्रतिशत सत्यापन सर्वेक्षण के समय ही करना होगा।

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