उत्तर प्रदेश में घट सकती है धान की खेती

उत्तर प्रदेश में घट सकती है धान की खेतीसफल नहीं हो पाएगा कृषि विभाग का प्रयास। (फोटो-विनय)

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले एक दशक से धान की खेती का क्षेत्रफल बढ़ाने के साथ चावल उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि विभाग की तरफ से कई प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी चावल का उत्पादन स्थिर है। कृषि विभाग की तरफ से इस बार भी खरीफ की मुख्य फसल धान की पैदावार बढ़ाने के लिए रणनीति बनाई गई है लेकिन स्थिति यह है कि धान की नर्सरी के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किया गया था उसकी आधी भी नर्सरी अभी तक नहीं लगी है। धान की खेती के विशेषज्ञ और गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सुरेन्द्र सिंह ने बताया '' धान की नर्सरी लगाकर धान की रोपाई करके जो खेती की जाती है उसमें धान की पैदावार अधिक होती है। ''

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उन्होंने बताया कि इसलिए धान की सीधी बुवाई की जगह धान की नर्सरी लगाकर धान की बुवाई करने के लिए किसानों को सलाह दी जाती है। कृषि विभाग ने इस साल के खरीफ सीजन- 2017-18 में धान की नर्सरी के लिए 397.739 हजार हेक्टेयर में धान की नर्सरी का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अभी तक मात्र 180.381 हजार हेक्टेयर में धान की नर्सरी लगी है। यह हाल तब है जब नर्सरी लगाने का समय लगभग ख्त्म होने की कगार पर है। कम नर्सरी लगने से इस बार धान की बुवाई और पैदावार पर भी असर पड़ेगा। पिछले खरीफ सीजन में प्रदेश में धान की नर्सरी लगाने का 397.534 हजार हेक्टेयर में लगाने का लक्ष्य तय हुआ था जिसमें से 395.243 हजार हेक्टेयर में धान की नर्सरी लगी थी लेकिन इस नर्सरी का क्षेत्रफल काफी कम है।

खरीफ की मुख्य फसल धान की पिछले साल प्रदेश में 59.66 लाख हेक्टेयर में खेती से 143.96 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ था, इस बार इतने ही हेक्टेयर में 151.30 लाख मीट्रिक टन धान के उत्पादन का लक्ष्य तया हुआ है। उत्पादन के इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक का प्रयोग, संकर बीजों के प्रयोग का विस्तार, मृदा परीक्षण, संतुलित उवर्रक, जैविक खाद और प्रमाणित बीज को उपलब्ध कराने की बात की थी लेकिन इसके बाद भी धान की बुवाई की जो प्रारंभिक रिपोर्ट मिल रही है उससे कृषि विभाग को चिंता में डाल दिया है।

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इस बार के खरीफ सीजन में प्रदेश में सुगंधित धान की 788.440 हजार हेक्टेयर, संकर धान की 1485.873 हजार हेक्टेयर और अन्य धान की 3691.775 हजार हेक्टेयर में धान की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है लेकिन धान की कम नर्सरी से यह लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल होगा। हालांकि कृषि विभाग को उम्मीद है कि अच्छे मानूसन को देखते हुए धान की बुवाई को तय लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। इस बारे में उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक ज्ञान सिंह ने बताया '' धान की नर्सरी लगाने का काम अभी चल रहा है। ऐसे में अभी समय है, जो लक्ष्य तय है उसको प्राप्त कर लिया जाएगा। ''

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