Top

इन दो नई किस्मों से बढ़ेगी धान की पैदावार

Ashwani NigamAshwani Nigam   19 Jun 2017 6:56 PM GMT

इन दो नई किस्मों से बढ़ेगी धान की पैदावारधान के खेत में किसान। (फोटो-विनय)

लखनऊ। खरीफ के सीजन में धान की बुवाई करने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए खुशखबरी है। किसान कम लागत में अधिक धान की उपज ले सकें इसके लिए गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्राद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के वैज्ञानिकों ने धान की दो नई प्रजातियां पंत धान 22 और पंत धान 28 विकसित किया है। इस साल मई महीने में विकसित की गईं यह प्रजातियां मध्यम अगेती ओर मध्यम अविध में पकने वाली हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए यहां के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के डीन डाॅ. एनएस मूर्ति ने बताया '' हमारे विश्वविद्यलाय के ब्रीडिंग डिपार्टमेंट के कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में धान की दो महत्वपूर्ण किस्मों को विकसित करने में सफलता मिली है। ''

ये भी पढ़ें- पानी न आने से परेशान किसान, कैसे डाले धान की नर्सरी

इन प्रजातियों को विकसित करने में पिछले एक दशक से काम कर रहे यहां के डिपार्टमेंट आॅफ जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के प्रोफेसर एंड सीनियर राइस ब्रीडर डाॅ. सुरेन्द्र सिंह ने बताया '' धान की यह दोनों प्रजातियां किसानों के लिए लाभकारी होंगी। इन दोनों प्रजातियों को विमोचन के लिए सरकार को भेजा गया है। ''

धान की नर्सरी लगाते किसान

उन्होंने बताया कि गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्राद्योगिकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश को ध्यान में रखकर पिछले पांच सालों में विभिन्न प्रकार धान की छह प्रजातियों को भी विकसित किया है। पंत धान 23, पंत धान 26, सुगंधित धान की पंत धान सुगंध 25 और पंत धान सुगंध 27 भी यहां के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। जिसकी सफलाता पूर्वक खेती करके किसान अच्छी पैदावार ले रहे हैं।

डाॅ. सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि इसी साल विश्वविद्यालय की तरफ से पहली बार बासमती धान की दो उन्नत प्रजातियां पंत बासमती-1 और बासमती-2 को भी विकसित किया गया है। पंत बासमती-1 उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के लिए भी संस्तुति की गई है। इन दोनों प्रजातियों की इस साल भारी मांग है। जिसको देखते हुए विश्वद्यालय की तरफ से बासमती- 1 की लगभग 28 कुंतल और बासमती-2 का लगभग 17 कुंतल बीज तैयार किया गया है।

ये भी पढ़ें-रामनाथ कोविंद : कानपुर के एक छोटे से गाँव से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने तक का सफर

गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्राद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर ने देश में धान के उन्नयन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। अभी तक इस विश्वविद्यालय ने 27 प्रजातियों को विकसित कर चुका है। धान के विकास के लिए यह विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर भी काम करने जा रहा है।


राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा की तरफ़ से उम्मीदवार घोषित किए गए रामनाथ कोविंद के गाँव से सीधे लाइव देखिए, गाँव में खुशी का माहाैल है

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top