खेती किसानी

आलू किसानों को मिलेगा फसल बीमा योजना का लाभ

रिपोर्टर- अजय मिश्र

कन्नौज। रबी की फसल के लिए उन ग्राम पंचायतों का चयन कर लिया गया है, जहां फसल बीमा योजना का लाभ दिया जाना है। बीते दो वर्षों से मौसम की मार झेल रहे किसानों का रूख बीमा योजना की ओर बढ़ा है।

504 ग्राम पंचायतों के वाले जिले में बीमा वाले ग्राम पंचायतों की संख्या और सूची घोषित कर दी गई है। कृषि उप निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि रबी के तहत गेहूं, सरसों और आलू की फसल के लिए किसान बीमा करा सकते हैं। गेहूं के लिए 487 ग्राम पंचायतों के किसानों को लाभ दिया जाएगा। आलू के 492 और सरसों के लिए 80 ग्राम पंचायतों में फसल बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा। उप निदेशक ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए एक हेक्टेयर के हिसाब से 720 रुपये का प्रीमियम किसानों को जमा करना पड़ेगा। सरसों के लिए 518 और आलू के लिए 600 रुपये प्रीमियम जमा करना पड़ेगा। प्रीमियम वापस नहीं होगा। नुकसान पर ही दावा मिल सकेगा।

उन्होंने आगे बताया कि जिन किसानों के पास केसीसी है, उनको इस योजना में लाभ नहीं मिल सकता। अगर किसान फसल बीमा के लिए आवेदन भी करते हैं तो एक ही योजना का लाभ मिलेगा।

उप निदेशक ने बताया कि कृषि विभाग के कर्मचारियों के पास बीमा की किस्त जमा की जा सकती है। बीमा कंपनी और बैंक से रसीद मिलते ही किसानों को दी जाएगी। इसके लिए पहचान पत्र, बैंक खाते की पासबुक और जमीन के कागज की फोटो कापी देनी पड़ेगी। अधिकतम लाभ फसल का 90 फीसदी तक मिलता है। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी किसानों की फसल का बीमा कर रही है। पिछली बार करीब 14 हजार किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिला था। मौसम में उतार-चढ़ाव की वजह से किसान अब फसलों का बीमा अधिक से अधिक कराने लगे हैं। कभी सूखा तो कभी ओला किसानों के लिए मुसीबत बना है, जिसकी वजह से किसान बीमे की ओर अग्रसर हुए हैं।