किसानों को सलाह : एक सप्ताह बाद कीजिए आलू की बुवाई

किसानों को सलाह :  एक सप्ताह बाद कीजिए आलू की बुवाईगाँव कनेक्शन, आज का नुस्खा

लखनऊ। देश के सबसे बड़े आलू उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में पिछले सीजन की तरह रिकार्ड आलू की पैदावार हो सके इसके लिए कृषि विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आलू की अगेती किस्म की बुवाई एक सप्ताह के बाद 15 सितंबर से किसान कर सकें इसके लिए केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम मेरठ ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है।

यहां के प्रधान कृषि वैज्ञानिक डॉ. देवेन्द्र कुमार ने बताया, ''आलू की अगेती किस्म कुफरी सूर्या, चंद्रमुखी, पुखराज, सूर्या, ख्याति, अलंकार और बहार की बुवाई करके किसान अधिक उपज ले सकते हैं।''

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उन्होंने बताया कि किसानों को आलू गोदामों से बीज निकालकर अभी से तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। आलू बीज के अंकुरण पर विशेष ध्यान दें। उत्तर प्रदेश में पिछले रबी सीजन-2016-17 में 6 लाख 25 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती हुई थी और उत्पादन अनुमानित लक्ष्य 147 लाख मीट्रिक टन ज्यादा 155 लाख टन हुआ है। ऐसे बार आलू का क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

आलू एक समतीषोष्ण जलवायु की फसल है। उत्तर प्रदेश में इसकी खेती रबी के मौसम में की जाती है। आलू की खेती के लिए ऐसी जमीन उपयुक्त होती है जिसका पीएच मानक 6 से 8 तक होता है। बलुई दोमट और दोमट भूमि में इसकी खेती अच्छे से की जा सकती है।

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डॉ. देवेन्द्र कुमार ने बताया कि आलू की बुवाई से पहले खेत की तैयारी में 3-4 जुताई डिस्क हैरो या कल्टीवेटर से करें। प्रत्येक जुताई के बाद पाटा लगाने से ढेले टूट जाते हैं और नमी सुरक्षित रहती है। रोटावेटर से भी खेत की तैयारी की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग की तरफ से किसानों को आलू के उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। आलू की अगेती किस्म चंद्रमुखी 80 से 90 दिन, पुखराज 60 से 75 दिन, सूर्या 60 से 75 और अलंकार 65 से लेकर 70 दिन में तैयारी हो जाती है।

यूरोप से भारत में आया था आलू

केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के अनुसार आलू की उत्पत्ति दक्षिण अमेरिका को माना जाता है लेकिन भारत में आलू पहली बार सत्रहवीं शताब्दी में यूरोप से आया था। धान, गेहूं और गन्ना के बाद क्षेत्रफल में आलू का चौथा स्थान है। आलू एक ऐसी फलस है जिसमें प्रति ईकाई क्ष्रेत्रफल दूसरी फलसों के मुकाबले अधिक उत्पादन होता है। आलू में मुख्य रूप से 80 से 82 प्रतिशत पानी, 14 प्रतिशत स्टार्च, 2 प्रतिशत सुगर, 2 प्रतिशत प्रोटीन और 1 प्रतिशत खनिज लवण पाए जाते हैं। इसमें 0.1 प्रतिशत विटामिन भी होता है।

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