केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह का लेख: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर बढ़ता किसानों का विश्वास

यह योजना खासकर उन किसानों का बोझ कम करने में मदद कर रही है, जो खेती के लिए ऋण लेते थे और खराब मौसम में फसल बर्बादी के कारण उसी ऋण को चुका पाने में असमर्थ रहते थेI

केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह का लेख: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर बढ़ता किसानों का विश्वास



किसानों के हित के लिए मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना न सिर्फ किसानों को फसल उपज की सभी जोखिमों से सम्पूर्ण सुरक्षा दे रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी सम्बल प्रदान कर रही हैI

यह योजना खासकर उन किसानों का बोझ कम करने में मदद कर रही है, जो खेती के लिए ऋण लेते थे और खराब मौसम में फसल बर्बादी के कारण उसी ऋण को चुका पाने में असमर्थ रहते थेI साथ ही साथ जो किसान बैंकों से ऋण नहीं लेते हैं, उन किसानों को भी प्राकृतिक आपदाओं के समय बीमा लाभ मिल रहा हैI ऐसे में मोदी सरकार द्वारा शुरू की गयी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैI

इस योजना के अंतर्गत खरीफ 2017 के लिए अधिकांश दावों का भुगतान हो चुका हैI वहीं हाल में प्राप्त आंकड़ों के अनुसार खरीफ 2018 हेतु बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक जन सूचना केंद्रों (CSC) के माध्यम से 75 लाख से ज्यादा गैर ऋणी किसानों के आवेदन प्राप्त किये गए, जोकि विगत वर्ष में (CSC) द्वारा प्राप्त आवेदनों (10 लाख) की तुलना में 7 गुना ज्यादा हैI जन सूचना केंद्रों (CSC) गैर ऋणी किसानों के आवेदन प्राप्त करने का प्रावधान खरीफ 2017 से किया गया था।

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मोदी सरकार द्वारा पहले से चली आ रही फसल बीमा योजनाओं की कमियों की समीक्षा एवं राज्य सरकारों, किसान संगठनों, बीमा कम्पनियों, बैंक और अन्य संगठनों से गहन विचार विमर्श के पश्चात एक नई बीमा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तैयार की गई, जिससे न सिर्फ पुरानी फसल बीमा योजनाओं से बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं, बल्कि यह किसान भाइयों की उम्मीदों पर भी खरी उतर रही हैI

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 4 सालों के दौरान फसल बीमा योजनान्तर्गत यूपीए सरकार की तुलना में एनडीए सरकार में किसानों को दिए गए लाभ कई गुना अधिक हैI वर्ष 2010-14 में यूपीए सरकार के समय फसल बीमा योजना के अंतर्गत कुल बीमित किसानों की संख्या 12.36 करोड़ की तुलना में वर्ष 2014-18 के दौरान वर्तमान एनडीए सरकार के समय बीमित किसानों की संख्या लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 19.2 करोड़ रहीI

वर्ष 2010-14 में बीमित राशि व कुल बीमा दावों का भुगतान क्रमशः 2.60 लाख करोड़ रुपए व 21.78 हजार करोड़ रुपए की तुलना में वर्ष 2014-18 में यह आंकड़ा बढ़ कर क्रमशः 6.03 लाख करोड़ रुपए व 62.40 हजार करोड़ रुपए रहाI जिसके अनुसार वर्ष 2010-14 में लाभान्वित किसानों की संख्या 4.98 करोड़ से बढ़ कर वर्ष 2014-18 में 7.35 करोड़ दर्ज की गयीI अगर हम बीमित रकवा की बात करें तो यह यूपीए सरकार में 16.51 करोड़ हेक्टेयर की तुलना में एनडीए सरकार के समय बढ़कर 20.32 करोड़ हेक्टेयर हो गया।


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आपको मैं बता दूँ कि वर्तमान में इस योजना का क्रियान्वयन देश के 27 राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों की सरकारों के साथ मिलकर किया जा रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हैI जिसके परिणाम स्वरूप बीमित क्षेत्र कुल बुवाई क्षेत्र के 22% से बढ़कर 30% हो साथ ही गैर-ऋणदाता किसान प्रतिशत 5% से 24% तक बढ़ गया हैI इसके अलावा 80% देय दावों के भुगतान के लिए औसत समय में लगने वाला समय 7 महीने से घटकर 2 महीने हो गया हैI

मोदी सरकार के आने से पूर्व जो फसल बीमा योजनाएं चल रही थीं, उनमें किसानों द्वारा देय प्रीमियम बहुत ज्यादा (6 % तक) थाI ऐसे में पीएमएफबीवाई के अंतर्गत किसानों द्वारा भुगतान किये जाने वाले प्रीमियम की दरें बहुत ही कम निर्धारित की गयी। किसानों द्वारा सभी खरीफ फसलों के लिए केवल 2% एवं सभी रबी फसलों के लिए 1.5% का एक समान प्रीमियम भुगतान करने का प्रावधान है।

वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के मामले में अधिकतम प्रीमियम केवल 5% रखा गया है। साथ ही फसल बीमा योजना के तहत सरकार ने किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को काफी भी आसान बनाया है। किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा मिलने में देरी न हो इसके लिए अब सरकार ने खास प्रयास शुरू किये हैं। जिसके तहत अगर बीमा कंपनियां किसानों के दावे का भुगतान दो महीने की समय सीमा में नहीं करती हैं तो उन्हें किसानों को 12 फीसदी की दर से मुआवजे की राशि पर ब्याज भी अदा करना होगा। देरी अगर राज्य सरकार की तरफ से होती है तो ब्याज का भुगतान राज्य सरकार को करना होगा।

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योजना को किसन्नोमुखी, सरल, पारदर्शी करने के आलावा किसानों को समयबद्ध लाभ पहुंचने के लिए इसमें कई प्रशासनिक बदलाव भी किये गए हैंI इसके लिए जहाँ खरीफ 2017 मौसम से आधार नम्बर को अनिवार्य किया गया है, जिससे डुपलिकेशन और फर्जी बीमा रोकने में मदद मिली हैI वहीं सूचना के बेहतर आदान-प्रदान, पारदर्शी एवं प्रत्येक बीमित किसानो को सूचना उपलब्ध करने के लिए फसल बीमा पोर्टल www.pmfby.gov.in बनाया गया हैI

बीमा दावों के अतिशीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट फ़ोन सहित उन्नत टेक्नोलॉजी के उपयोग का उपयोग किया जा रहा है। उपग्रह से प्राप्त फसल के उपज संबंधी दूरसंवेदी चित्र, एवं आंकड़े से भू फसल क्षति का आंकलन किया जा रहा हैI

(साभार: radhamohansingh.in/blog)

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एक तरफ जहां केेंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह का दावा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर किसानों का विश्वास बढ़ा है, दूसरी तरफ 'गाँव कनेक्शन' की रिपोर्ट में सरकार का यह दावा किसानों के साथ छलावा साबित हा रहा है...

पढ़ें... गाँव कनेक्शन की विशेष रिपोर्ट : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : किसानों के सुरक्षा कवच में कई छेद

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