बारिश ने आलू किसानों की बढ़ाई हताशा, दाम बढ़ने के इंतजार में खेतों में रखी फसल बर्बाद

बारिश ने आलू किसानों की बढ़ाई हताशा, दाम बढ़ने के इंतजार में खेतों में रखी फसल बर्बादखेतों में रखी आलू बारिश के कारण भीग गई।

वीरेंद्र सिंह

बाराबंकी। गुरुवार देर रात शुरू हुई बारिश ने किसानों की रही-सही उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। आलू की गिरती कीमतों से किसान पहले से ही हताश थे ऐसे में बारिश ने किसानों को और निराश कर दिया है। बात अगर बाराबंकी की हो तो यहां अच्छे भाव के इंतजार व भंडारण ना होने के कारण लगभग 40% आलू खेतो में ही है।

फतेहपुर ब्लाक के बेलहरा निवासी राजकुमार बताते हैं कि स्टोर में लंबी-लंबी लाइनों के करण अभी खेत से आलू खुदवाया ही नहीं। किसान इस उम्मीद में भी थे कि देर हुई तो कुछ भाव बढ़ेंगे, लेकिन बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सूरतगंज ब्लाक के किसान बाबदीन कहते हैं कि सुनने था कि 13 मार्च के बाद नोट निकासी की सीमा समाप्त हो रही है जिससे व्यापारियों के पास पैसे की दिक्कत खत्म हो जाएगी और आलू के दाम कुछ बढ़ेंगे लेकिन भगवान सब चौपट कर दिया। अचानक हुई तेज बारिश से आलू बर्बाद हो गई। अब आलू सड़ने लगेगा।

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आलू के खेत में भरा पानी।

हरियाणा, राजस्थान में भारी बारिश और ओलावृष्टि से फसलें चौपट

मौसम विभाग बीते कई दिनों से उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में तेज़ हवाओं और गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना जाता रहा था। मौसम विभाग के अनुमान सटीक रहे और उत्तर भारत के मैदानी राज्यों विशेषकर पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान में अच्छी बारिश व ओलावृष्टि रिकॉर्ड की गई।

आलू को सुरक्षित रखने का प्रयास करता किसान।

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हरियाणा के कई जिलों में हुई ओलावृष्टि और इसके साथ तेज़ हवाओं के प्रभाव से गेहूं, आलू तथा सरसों सहित कई रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। हरियाणा के कई इलाकों में तेज वर्षा और ओलावृष्टि के चलते फसलें चौपट हो गई हैं। मौसम का प्रकोप फ़तेहाबाद, भिवानी, पानीपतमें हिसारसबसे अधिक हुआ है जहां गेहूं और सरसों की फसल को व्यापक नुकसान की खबर है। भिवानी के सिवनी कस्बे और फतेहाबाद के भिरडाना, काताखेड़ी सहित अनेक इलाकों में हुई तेज बारिश और आंधी से गेहूं की फसल पूरी तरह से खेतों में बिछ गई है। गेहूं के साथ-साथ सरसों की फसल को भी काफी नुकसान पहुचा हैं। जो आलू खेतों में रह गया था्र उसमें पानी लग गया है। ऐसे में आलू भी बर्बाद होने की आशंका है।

किसानों के अनुसार मौसम की मार सबसे ज़्यादा सरसों की फसलों पर पड़ा है क्योंकि अधिकतर किसानों की सरसों की फसल पक कर तैयार थी और उसकी जल्द ही कटाई मड़ाई की जानी थी। ऐसे में बारिश, तेज़ हवा या ओलावृष्टि फसल को पूरी तरह से नष्ट कर देती है। राजस्थान के भी कई इलाके बारिश और बर्फबारी की चपेट में आए हैं।

राजस्थान के जैसलमरऔर बाड़मेर में बृहस्पतिवार को तेज़ हवाओं के साथ वर्षा और ओलावृष्टि हुई है। इसके चलते धनिया और जीरे की फसल को व्यापक नुकसान की खबरें हैं। बाड़मेर के सिणधरी कस्बे में ईसबगोल की खेती की जाती है। यहाँ गुरुवार को दिन भर बादल छाए रहे और कई जगहों पर तेज़ हवाओं तथा गरज के साथ वर्षा और ओलावृष्टि देखने को मिली। इस बारिश से ईसबगोल की फसल झड़ गई है जिससे फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। जयपुरमें भी बारिश होने और ओले पड़ने से गेहूं सहित अन्य रबी फसलें खराब हो गई हैं।

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उत्तर भारत के पास आने वाले एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभों और इसके प्रभाव से मैदानी राज्यों में विकसित हुई ट्रफ के प्रभाव से मौसम में यह उथल-पुथल देखी जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पंजाब से लेकर हरियाणा, उत्तरी-पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज रात तक बारिश तथा ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। कल से इन भागों में मौसम साफ हो जाएगा। इस बदलाव से उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में तापमान में गिरावट हुई है जिससे अचानक आ गई गर्मी से राहत मिली है। तापमान में अगले कुछ दिनों तक गिरावट जारी रहेगी।

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