गन्ना मूल्य पर फिर किसान आगबबूला, विरोध की तैयारी तेज

गन्ना मूल्य पर फिर किसान आगबबूला, विरोध की तैयारी तेजफोटो: विनय गुप्ता

लखनऊ। प्रदेश सरकार की ओर से हाल में घोषित किए गन्ना मूल्य को नाकाफी बताते हुए गन्ना किसान एक बार फिर आगबबूला हैं। गन्ना किसानों का कहना है कि चीनी मिलों से सरकार की मिलीभगत की वजह से किसानों के हितों पर कुठाराघात किया गया है। अपनी मांगों को लेकर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के किसान विधानसभा पर गन्ने जलाकर विरोध जताएंगे।

450 रुपए प्रति कुंतल गन्ने का मूल्य घोषित करे सरकार

भाकियू लखनऊ के मंडल अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा बताते हैं, "किसानों की मांग है कि सरकार गन्ने का मूल्य 450 कुंतल, धान का मूल्य 2500 कुंतल और आलू का मूल्य 1000 रुपए प्रति कुंतल घोषित करे।" बता दें कि सरकार ने गन्ने की अगैती प्रजातियों के लिए 315 रुपए प्रति कुंतल से बढ़ाकर 325 रुपए कर दिया गया है। इसी प्रकार सामान्य प्रजाति के 305 रुपए से बढ़ाकर 315 रुपए किया गया है। इसके अलावा, अनुपयुक्त प्रजाति के लिए 300 रुपए प्रति कुंतल को बढ़ाकर 310 रुपए कर दिया गया है।"

गन्ने और धान की होली जलाएगी भाकियू

हरिनाम सिंह वर्मा ने कहा, "गन्ना मूल्य के विरोध में शनिवार को भाकियू विधान सभा पर गन्ने और धान की होली जलाएगी।" उन्होंने आगे कहा, " उत्तर प्रदेश के चुनावों में गन्ना मूल्य, गन्ना बकाया व घटतौली, धान व आलू का मुद्दा चुनावी जनसभाओं में उठाने वाले माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी अपनी सरकार द्वारा ही उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को गन्ने का लाभकारी मूल्य, धान किसानों को धान का मूल्य और आलू किसानो को आलू का मूल्य दिलाने में असफल रहे।"

गन्ना किसानों के साथ भद्दा मजाक किया

उन्होंने कहा, "गन्ना किसानों की भावनाओं से खेलकर किसानों के दम पर सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा पैराई सत्र 2017-18 के लिए गन्ने का मूल्य घोषित किया गया। गन्ना मूल्य में 10 रुपये की वृद्धि कर गन्ना किसानों के साथ भद्दा मजाक किया है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में भी गन्ना किसानों के साथ पूर्ववर्ती सरकारों जैसा नियमित व्यवहार किया गया है। गन्ना मूल्य में वृद्धि तुलनात्मक रूप से महंगाई दर में हुई वृद्धि से भी कम है।"

गन्ना पैदा करने में लगभग 325 रुपए आ रही लागत

हरिनाम वर्मा ने आगे कहा, "वर्तमान में गन्ना इस वर्ष में डीजल, बिजली, पेस्टीसाईड्स, खाद के दाम बढ़ने से गन्ना किसानों की लागत में काफी वृद्धि हुई है। गन्ना किसानों की एक कुंतल गन्ना पैदा करने में लगभग 325 रुपये लागत आ रही है। उत्तर प्रदेश में गन्ना मूल्य, धान का समर्थित मूल्य व आलू का मूल्य तय करने को लेकर आयोजित बैठक में भी किसानों ने अपनी लागत का आंकड़ा विभागों को दिया था। तमाम परिस्थितियों को दरकिनार करते हुए एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार चीनी मिलों के पक्ष में खड़ी दिखाई प्रतीत हो रही है।"

पूरे प्रदेश में करेंगे आंदोलन

उन्होंने कहा, "भारतीय किसान यूनियन सरकार द्वारा घोषित मूल्य पर संतुष्ट नहीं है। भाकियू उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करती है कि गन्ना मूल्य पर पुनर्विचार करते हुए अपने संकल्प पत्र में किये गये वादे के अनुसार गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति कुन्तल, आलू का मूल्य 1000 रुपए पार्टी कुंतल धान का मूल्य 2500 प्रति कुंतल घोषित कर किसानों को लाभकारी मूल्य दें अन्यथा भाकियू पूरे प्रदेश में इसके विरूद्ध आन्दोलन करेगी।"

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