रायबरेली के लघु किसानों को समूह में खेती करने के लिए प्रेरित कर रहा कृषि विभाग

रायबरेली के लघु किसानों को समूह में खेती करने के लिए प्रेरित कर रहा कृषि विभागरायबरेली में किसानों को जानकारी देते कृषि विभाग के अधिकारी।

मोबिन अहमद, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

रायबरेली। जिले के बछरावां ब्लाक में लघु किसान एक वर्ष में दो फसलें ही कर पाते हैं, जिससे वह अधिक मुनाफे से वंचित रह जाते हैं। इसके साथ ही कभी-कभी उन्हें अपनी फसलों में नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों की समस्याओं को देखते हुए बछरावां कृषि विभाग ने किसानों को मजबूत बनाने के लिए ‘समूहों की क्षमता एवं दक्षता विकास प्रशिक्षण’कार्यक्रम चलाया है।

बछरावां ब्लाक के राजकीय बीज भण्डार प्रभारी विरेन्द्र कुमार सिंह बताते हैं, “किसानों को सशक्त बनाने के लिए अभी हमने चार गाँवों का चयन किया गया है, जिसमें खैरहनी, इंचौली, कन्नावां और मल्लपुर हैं। इन गाँवों में हम किसानों के समूह बना रहे हैं और किसानों को समूह में खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।” वीरेन्द्र कुमार सिंह आगे बताते हैं, “10 से 12 कृषकों का एक समूह बनाया जाएगा, जिसमें एक अध्यक्ष और एक कोषाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी।

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उसके बाद समूह का नाम रखकर उसका पंजीकरण कराकर बैंक में उस समूह का ज्वाइंट अकांउट खुलवा दिया जाएगा। योजना के अनुसार छह माह से एक वर्ष के अन्दर उस खाते में किसानों की मदद के लिए 10 हजार का ऋण दिया जाएगा।” राजकीय बीज भण्डारण केन्द्र के बीटीएम प्रदीप नरायण (32 वर्ष) बताते हैं, “माह में एक बार समूह के साथ बैठक कर किसानों को आधुनिक कृषि के बारे में सलाह दी जा रही है, जिसके तहत किसानों को नई तकनीकियों के कृषि यन्त्रों के बारे में बताया जाता है। इस बैठक में किसानों को भूमि परीक्षण मिट्टी की उर्वरकता, मिट्टी की उत्पादक क्षमता के बारे में बताया जाता है। इसके साथ ही साथ किस मौसम में कौन सी फसल फायदेमंद होगी, इसके बारे में भी विशेष जानकारियां दी जाती हैं।”

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