इस बार सब्जियों की बंपर पैदावार, जायद में इस साल अधिक होगी खेती

इस बार सब्जियों की बंपर पैदावार, जायद में इस साल अधिक होगी खेतीकरेले की फसल के साथ किसान।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खरीफ और रबी सीजन के मुकाबले जायद में खेती कम होती है। इस दौरान बड़ी संख्या में गेहूं और सरसों कटने के बाद खेत खाली रह जाते हैं। सिंचाई साधन होने के बाद भी खेती नहीं होने का असर प्रदेश के खाद्यान्न और सब्जियों के उत्पादन पर पड़ता है। ऐसे में इस सीजन में भी किसान अधिक से अधिक खेती कर सकें इसके लिए कृषि विभाग की तरफ से जायद अभियान 2017 चलाया जा रहा है।

विभाग ने इस बार 15 लाख, 78 हजार, 649 हेक्टेयर में खेती करने का लक्ष्य रखा है जिसमें सबसे ज्यादा सब्जियों खेती की जानी है। इस बार सब्जियों के लिए 10 लाख, 50 हजार हेक्टेयर में सब्जियों की खेती की जानी है। पूरे प्रदेश से सब्जियों की बुवाई के जो आंकड़े विभाग को मिले हैं उसके मुताबिक अभी तक 9 लाख, 29 हजार, 256 हेक्टेयर में सब्जियों की बुवाई हो चुकी है। ऐसे में इस बार प्रदेश में बंपर सब्जी होने का अनुमान भी है।

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कृषि विभाग के निदेशक ज्ञान सिंह ने बताया 'प्रदेश में सिंचाई साधनों की उपलब्धता और मौसम अनुकूल होने से जायद सीजन में पैदा होने वाली सब्जियों की बुवाई का रकबा इस बार बढ़ा है। पिछले साल 2016 में जहां 9 लाख 53 हजार, 104 हेक्टेयर में सब्जियों की बुवाई हुई थी वहीं इस बार इससे आंकड़ा ज्यादा है। ''

उन्होंने बताया कि सब्जियों की अधिक बुवाई होने का साफ संकते हैं कि इस बार सब्जियां की पैदावार भी अच्छी होगी। उत्तर प्रदेश में जायद मौसम में सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान भी सहयोग कर रहा है। यहां पर किसानों को सब्जियों के नवीनत बीज से लेकर सब्जियों की खेती को वैज्ञानिक तरीके से करके किसान आर्थिक रूप से मजबूत कैसे बने इसके लिए भी काम किया जा रहा है।

यहां के वैज्ञानिक डा. नीरज सिंह ने बताया '' भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने विभिन्न सीजन को ध्यान में रखकर टमाटर, बैंगन, मिर्च, खीरा, मूली, गाजर, कद्दू, फ्रेंच बीन, पालक और दूसरी सब्जयों का विकसित किया है। यहां से किसान कम से कम पैसे में बीज खरीदकर ले जाते हैं और अच्छी उपज भी पाते हैं।''

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प्रदेश में जायद सीजन में सब्जियों के साथ ही मोटे अनाजों में मक्का, बाजरा, सांवा की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए भी विभाग ने काम करना शुरू किया है। जिसमें मक्का की खेती को 73 हजार 545 हेक्टेयर, बाजरा के लिए 52 हजार हेक्टेयर, सांवा के लिए 938 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। वहीं जायद दहलन की खेती में मूंग की खेती के लिए 74 हजार 708 हेक्टेयर और उड‍़द के लिए 60 हजार 433 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। जायद में मंगफली की खेती के लिए 90 हजार हेक्टेयर में खेती करवाने का विभाग ने तय किया है। उत्तर प्रदेश के कुल 18 मंडलों में से जायद में सबसे ज्यादा खेती कानपुर मंडल में होती है वहीं सबसे कम खेती पानी की कमी के कारण झांची और चित्रकूट मंडल में होती है।

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