यूपी: धान खरीद में निजी एजेंसियां नहीं दखा रहीं रुचि

यूपी: धान खरीद में निजी एजेंसियां नहीं दखा रहीं रुचिफोटो साभार: इंटरनेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में मूल्य समर्थन योजना के तहत अब तक धान किसानों से सीधे धान की खरीद की जा रही है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में निजी एजेंसियां (प्राइवेट प्लेयर्स) की तरफ से भी धान की खरीद कराई जा रही है, लेकिन वह धान की खरीद में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

अभी तक एक प्रतिशत भी खरीद नहीं

उत्तर प्रदेश में 12 जिलों में 215 क्रय केन्द्र स्थापित हैं, लेकिन अभी तक 131 क्रय केन्द्र ही काम कर रहे हैं। प्राइवेट प्लेयर्स को आवंटित 5 लाख मीट्रिक टन क्रय लक्ष्य की तुलना में अभी तक मात्र 662.14 मीट्रिक टन यानी 0.13 प्रतिशत की खरीद हुई है।

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अभी तक क्रय केंद्रों से 21.25 प्रतिशत खरीद

उत्तर प्रदेश की प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद निवेदिता शुक्ला ने बताया, ''प्राइवेट प्लेयर्स को धान की खरीद में तेजी लाने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।'' उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ क्रय वर्ष 2017-18 के अन्तर्गत 50 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है, जिसकी तुलना में अभी तक 21.25 प्रतिशत खरीद हो चुकी है। धान की खरीद के लिए प्रदेश में लगभग 3256 क्रय केन्द्र स्थापित हैं।

धान खरीद के लिए चलेगा विशेष अभियान

धान की खरीद में तेजी लाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने प्रदेशभर में 2 से 15 दिसम्बर के बीच जिला प्रशासन के सहयोग से धान खरीद के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, “अभियान के तहत मण्डियों में प्रभावी नीलामी कराने के लिए धान को साफ कराकर, सुखाकर और पंखा लगाकर किसानों से धान खरीद कराना सुनिश्चित किया जाए। मण्डियों में किसानों को आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए लेखपाल और राजस्व कर्मियों को भी आवश्यकतानुसार तैनात किया जाएगा।“ मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए हैं कि लक्षित धान 50 लाख मीट्रिक टन की खरीद से 67 प्रतिशत की दर से निर्मित होने वाले 33.50 लाख मीट्रिक टन चावल के भण्डारण की व्यवस्था समय से सुनिश्चित करा ली जाए।

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न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर कहीं न बेचें किसान

मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा, “प्रदेश सरकार की तरफ से नामित 9 क्रय एजेन्सियों, खाद्य विभाग, पंजीकृत सोसाइटी और प्राइवेट प्लेयर्स के अन्तर्गत स्वीकृत खरीद केन्द्रों की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर धान खरीद मूल्य का उल्लेख करते हुए साफ-साफ बड़े अक्षरों में लिखवाया जाए कि ‘ प्रिय किसान बन्धुओं धान सामान्य का 1550 रुपए और धान ग्रेड 1590 रुपए प्रति कुंतल की दर से मूल्य निर्धारित किया गया है।“ उन्होंने इस निर्देश दिए हैं कि किसानों को इस बात के लिए भी जागरूक किया जाए कि किसान निर्धारित मानक का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर कहीं न बेचें।

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