चाहते हो मिट्टी उगले सोना, तो मिट्टी की कराएं जाँच

चाहते हो मिट्टी उगले सोना, तो मिट्टी की कराएं जाँचमिट्टी की जांच जरूर करवाएं।

देवेश सिंह

इलाहाबाद। जिस प्रकार मनुष्य व जानवरों को संतुलित आहार की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार फसलों के लिए भी संतुलित आहार (पोषक तत्वों) की आवश्यकता होती है। यह पोषक तत्व उन्हें मिट्टी से मिलते हैं इसलिए खेती के लिए मिट्टी की जांच करना जरूरी है।

अत्यधिक व असंतुलित उर्वरकों और कृषि रसायनों के प्रयोग से खेत की मिट्टी मृत हो रही है और दिनों दिन उत्पादन क्षमता घट रही है। जिन क्षेत्रों में अधिक उपज वाली उन्नत, संशोधित (रिसर्च) व संकर किस्में उगाई जाती हैं वहां मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी बहुत तेजी से होती है। भरपूर उत्पादन के लिए खेत की मिट्टी में उपलब्ध तत्वों की मात्रा व मिट्टी में स्वास्थ्य जानने के लिए मिट्टी परीक्षण (जांच) करना आवश्यक हो जाता है।

मिट्टी की जांच आवश्यक क्यों ?

  • फसलों से अधिक उपज लेने के लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि मिट्टी में कौन-कौन से पोषक तत्व कितनी मात्रा में उपलब्ध हैं।
  • फसल के अनुरूप जैविक खाद, उर्वरकों की मात्रा निर्धारण के लिए
  • खेत की मिट्टी कौन-कौन से फसल के लिए उपयुक्त है।
  • मिट्टी की अम्लीयता, क्षारीयता (पीएच) विद्युत चालकता का स्तर जानने के लिए।
  • लक्षित उत्पादन प्राप्त करने व उर्वरकों की उपयोगिता क्षमता में वृद्धि के लिए।
  • समस्याग्रस्त, अम्लीय, क्षारीय, ऊसर मिट्टी के सुधार हेतु।

मिट्टी का नमूना कैसे लें?

  • खेत में अनिश्चित आधार पर दस से बारह बिंदुओं/जगहों का चुनाव करें।
  • इनकी ऊपरी सतह साफ करके घास, पत्थर, कचरा वगैरह हटा दें।
  • खुरपी की सहायता से चुने गए स्थानों में वही आकार का 6–8 इंच गहरा कट लगाकर तसले में रखते जाएं।
  • खेत से लाई गई मिट्टी को अखबार में बिछाकर छाया में सुखा लें।
  • मिट्टी के ढेर को लगभग तीन इंच की मोटाई में गोलाकार रूप देकर सीधी रेखा चार बराबर भागों में बांटकर आमने- सामने की दो भाग मिट्टी हटा दें। शेष दो भाग को मिलाकर इसे भी चार भागों में बांटकर दो आमने – सामने के भाग अलग करें।
  • साफ पॉलीथीन में शेष आधा किलोग्राम मिटटी भरकर धागा से बांध दें।
  • दूसरी नई पॉलीथीन में मिट्टी वाली पॉलीथीन, जानकारी सहित नमूना पत्रक रखकर धागा से पॉलीथीन को बांध दें।
  • मिट्टी नमूना जांच के लिए तैयार है।

सावधानियां

किसान भाइयों मिट्टी नमूना लेने के पहले निम्नलिखित सुझावों पर अवश्य ध्यान दें...

  • वृक्ष और देशी खाद के ढेर के नीचे की मिट्टी न ले।
  • खेत के कोनों एवं मेड़ से एक मीटर अंदर के ओर की मिट्टी न लें।
  • अधिकतर समय पानी भरे रहने वाले एवं नाली के पास के स्थान से मिट्टी न लें।
  • खेत की मिट्टी यदि अलग –अलग है तो नमूना की मिट्टी अलग –अलग लें।
  • उर्वरक, खाद, नमक की बोरी के ऊपर मिट्टी नमूना न सुखाएं।
  • खेत की मिट्टी में स्वाभाविक रूप से पाए जाने वाले कंकड़ आदि अलग न करें।
  • मिट्टी नमूना रखने के लिए नई एवं साफ पॉलीथीन का प्रयोग करें।
  • यदि खेत ऊपर-नीचे है और फसल अलग-अलग बोते हैं तो मिट्टी का नमूना अलग– अलग लें।
  • चाही गई जानकारी नमूना पत्रक में भरकर मिट्टी के साथ अवश्य भेजें।
  • नमूना पत्रक उपलब्ध न होने पर कागज में नाम, पता, रकबा, सिंचाई स्रोत, फसल, अन्य संबंधित जानकारी लिखकर मिट्टी नमूना के साथ भेजें।

(लेखक रायटर्स मार्केट लाइट इंफॉर्मेशन सर्विसेस में चीफ मार्केट रिपोर्टर हैं व किसानों को अच्छी खेती की सलाह देते हैं।)

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