खुली अफसरों-बाबुओं की हेराफेरी

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लखनऊ। बाबू, अफसर और नेता जनता की गाढ़ी कमाई को हजम कर रहे हैं। आपसी मिलीभगत से सरकारी विभागों में वित्तीय अनियमितिता कर ये लोग खुद का घर भर रहे हैं। भ्रष्टों ने खुद की झोली को भरने के तमाम तरीके इजाद कर लिए है। मंगलवार को मलिहाबाद ब्लॉक, तहसील में विकास कार्य मद में खर्च की जा रही राशि का भुगतान और दस्तावेजों की जांच में बड़ी वित्तीय अनियमितिता दिखाई पड़ी। जिलाधिकारी राजशेखर ने ब्लॉक में एनआरएलएम योजना के तहत गठित समूह के रिवाल्विंग फंड, बैंक लिंकेज, 13वें वित्त में मनचाहे ठेकेदार को काम देने, बेशकीमती सरकारी जमीनों पर दबंगों के लिए गए कब्जा को छुपाने का तरीका देखा। जिलाधिकारी ने इन स्थानों पर विभिन्न महकमों में दस्तावेजी जांच में वित्तीय अनियमितिता पाई। जिम्मेदारों से दस्तावेजों को सीज कर एफआईआर दर्ज कराने को कहा। वहीं दूसरी ओर डीएम ने मुजासा गाँव में सभी घरों में शौचालय बनाए जाने पर गाँव को पांच लाख और सहयोग करने वाली संस्था वात्सल्य को एक लाख रुपए देने का ऐलान किया।तालाब और चारागाह पर कब्जा, रिपोर्ट में सहीजिलाधिकारी राजशेखर को ग्रामसभा की जमीनों पर कब्जा की मिल रही शिकायत और लेखपालों की कारगुजारी आखिरकार दस्तावेजों की पड़ताल में दिख ही गई। तहसील स्तर पर सरकारी जमीनों पर कब्जे की रिपोर्ट देने के बाद भी ग्रामसभा की सरकारी जमीनों पर कब्जा पाया गया। मलिहाबाद तहसील में भूलेख अनुभाग में ग्रामसभा की जमीनों की जांच में जिलाधिकारी को सर्वे रिपोर्ट में कई खामियां मिली। अनुभाग ने एक ग्रामीण ने बताया, पीरनगर ग्रामसभा में गाटा संख्या 340 तीन हेक्टेयर भूमि पर चारागाह दर्ज है और इसके अलावा एक हेक्टेयर भूमि पर तालाब है जिस पर गाँव के दबंगों ने कब्जा कर रखा है। मौके पर जिलाधिकारी ने पुराने रिकार्ड निकलवाए और लेखपाल की भेजी सर्वे रिपोर्ट से मिलान किया। इस पर एडीएम प्रशासन और उन्होंने भूमि सर्वे सत्यापन में विरोधाभाष पाया। उन्होंने मौके पर मौजूद लेखपाल बिलास को लताड़ लगाई। इसके साथ तहसीलदार को चेतावनी दी। उन्होंने एसडीएम मलिहाबाद और तहसीलदार को जांच कर फोटोयुक्त रिपोर्ट शाम तक देने को कहा। खोदे गए तालाबों पर लगेगा बोर्ड जिलाधिकारी ने ब्लॉक में मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत मनरेगा योजना से खोदे गए तालाबों की स्थिति पर संतोष जताया। क्षेत्र में चयनित 62 तालाबों में 57 खोदे जाना पाया। इस पर उन्होंने बीडीओ से बारिश में पानी भरने पर क्षेत्र में भूजल स्तर नापने को कहा। इसके साथ ही खोदे गए तालाबों के पास बोर्ड लगा उस पर समूचा ब्यौरा दर्ज कराने के निर्देश दिए। डीएम ने थाना और मालखाना भी देखाजिलाधिकारी ने मलिहाबाद थाने का भी निरीक्षण किया। थाने में तैनात पुलिस कर्मियों के आवास जर्जर हालत में मिले। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अन्य सुविधा के बारे में पूछा। इसके साथ ही इलाके में एसआई, एसएसआई, दारोगा, हेड कॉस्टेबिल और कॉस्टेबिलों की संख्या पूछी। उन्होंने पुलिस कर्मियों से थाने के लिए शासन स्तर पर भेजी गई समस्या या जिला प्रशासन की ओर से रूकी पड़ी समस्या और अन्य दिक्कत के बारे में पूछा। इसके साथ ही उन्होंने समाधान दिवस, महिला उत्पीड़न, एससीएसटी उत्पीडन के दर्ज केस, उनकी विवेचना और कार्रवाई और हिस्टीशिटरों की जानकारी ली। उन्होंने समाधान दिवस में गुहार लगाने वाले पीडि़तों को थाने से फोन कर केस की जानकारी पूछी। एक पीिड़त के कार्रवाई के संबंध में पुलिस की ओर से जानकारी न देने के मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया। उन्होंने एसएचओ से इस बारे में जानकारी ली। एसएचओ ने बताया कि मामले का निस्तारण हो चुका है।

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