कीटनाशक दवा कछुआें के लिए बनी काल

कीटनाशक दवा कछुआें के लिए बनी काल

उन्नाव। औरास थानाक्षेत्र के सिधूर गाँव के एक तालाब में जहरीली दवा डाले जाने से बीस से अधिक कछुआें की जान चली गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कछुआें को तालाब से बाहर निकलवाया। ग्रामीणों के अनुसार सिंघाड़ा की खेती करने वालों ने तालाब में कीटनाशक दवा डाली थी। इससे कछुआें की मौत हो गई। वन विभाग कर्मियों ने बताया कि कछुआें का पोस्टमार्टम कराया गया है। 

सिंघाड़े की खेती करने वालों ने सिधूर गाँव के तालाब में सिंघाड़े को कीटों से बचाने के लिए कीटनाशक दवा डाल दी। यह दवा तालाब में रह रहे कछुआें के लिए जानलेवा हो गई। तालाब में रह रहे बीस से अधिक कछुआें की कीटनाशक दवा से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने तालाब में जब कछुआें को उतराते हुए देखा तो उन्हें मामले की जानकारी हुई। इस पर फौरन पुलिस व वन विभाग को मामले से अवगत कराया गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कछुआें को तालाब से बाहर निकलवाया।

थानाध्यक्ष रणजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि शुक्रवार शाम तक बीस कछुआें को तालाब से बाहर निकाला जा चुका था। उन्होंने बताया कि तालाब में कीटनाशक दवा डाले जाने से ही कछुआें की मौत हुई है। सिंघाड़े की खेती करने वाले एक युवक को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उधर वन विभाग कर्मियों ने तालाब से बाहर निकाले गए कछुआें का देर शाम पोस्टमार्टम भी कराया। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने मौत की वजह बताने से इंकार कर दिया। 

रिपोर्टर - श्रीवत्स अवस्थी  

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