किसान की लागत घटाने की योजनाएं बहुत, राज्य लागू करें: कृषि मंत्री

किसान की लागत घटाने की योजनाएं बहुत, राज्य लागू करें: कृषि मंत्री

केंद्र सरकार ने खेती की लागत को कम करने के लिए शुरू की कई योजनाएं: राधा मोहन सिंह

हैदराबाद (भाषा)। केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने गुरुवार को यहां कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न किसानोन्मुखी योजनाओं को लागू करने में गति लाने की जिम्मेदारी राज्यों की है। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार ने खेती की लागत को कम करने और उत्पादकता में सुधार लाने के लिए विभिन्न योजनाओं को शुरू किया है। इस संदर्भ में राज्य सरकारों को पर्याप्त धन दिए गए हैं और उन्हें उसे तेजी से उपयोग में लाना होगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री सिंह ने कहा, “कृषि राज्य का विषय है और कृषि योजनाओं को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। मुझे उम्मीद है कि तेलंगाना सरकार केंद्रीय योजनाओं को तेजी के लागू करेगी। सिंह ने कहा, “धन की कोई कमी नहीं है। राज्यों को उन्हें तेजी से उसे खर्च करना होगा। जिस गति से राज्य उसे खर्च करेंगे, हम वैसे राज्यों को उसी प्रकार से समर्थन करेंगे।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय को बढ़ाने के लिए फसल उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दे रही है तथा सभी खेतों तक पानी की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' के तहत राज्यों को धन दिए गए हैं।कृषि मंत्री ने कहा, हमारा लक्ष्य हर खेत को पानी की आपूर्ति करना है ताकि कृषि उत्पादन बढ़ सके। अधिक उपज देने वाले बीज और पौध उपलब्ध करायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में विभिन्न लागतों के मद में कमी करने के लिए केंद्र ने उर्वरकों की कीमतों को कम किया है और यूरिया को नीम लेपित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “किसानों को उनके उत्पाद के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त हो, इस बात को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय मंडियों की स्थापना की गई है। हमारा उद्देश्य है कि ‘ई-ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म' के जरिए देशभर की 585 मंडियों के बीच डिजिटल संपर्क स्थापित किया जाए। मंत्री ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा सामान्य मानसून की भविष्यवाणी किए जाने के साथ सरकार को रिकॉर्ड खाद्यान्नों का उत्पादन होने की उम्मीद है।मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना दायरे में आएगा प्रत्येक किसान
 मृदा स्वास्थ्य कार्ड के वितरण के बारे में सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने अगले वर्ष मार्च तक इस योजना के तहत प्रत्येक किसान को अपने दायरे में लेने का लक्ष्य रखा है लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना सहित कुछ राज्य इन कार्डों के वितरण के काम में धीमे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में तेलंगाना के लिए मोदी सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रत्युत्तर कोष के तहत 874 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं, जबकि वर्श 2015-2020 के लिए 1,515 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। जबकि संप्रग-2 सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान केवल 153.6 करोड़ रुपए ही जारी किए थे।

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