किसान वैज्ञानिक तरीके से करें खेती

किसान वैज्ञानिक तरीके से करें खेतीgaonconnection

लखनऊ। गुरुवार को लखनऊ में खरीफ़ उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया है। कृषि निदेशक मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा, ‘’अब वक्त आ गया है कि किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती करें। चाहे सिंचाई हो या बीजों का चयन हर चीज़ के लिए वैज्ञानिक विधियों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।’’ 

उन्होंने कहा कि लखनऊ मंडल में 22.21 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के लक्ष्य हैं। वर्तमान खरीफ में 98310 कुंतल बीज वितरण के लक्ष्य में के सापेक्ष 75656 कुंतल बीज बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। 

उन्होंने कहा कि आज का किसान सरकारी की ओर से मिलने वाले अनुदान, सरकारी सहायता और सब्सिडी की सुविधाओं को लेकर अनजान है। एक किसान को इन सब बातों की जानकारी होनी चाहिए।

गोष्ठी में ख़ासतौर से फसल बीमा, बेहतर शंकर बीज और जैव उर्वरकों के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया गया। बैठक में शामिल कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनका हल भी बताया।

लखनऊ मंडल के आयुक्त टी वेंकटेश ने किसानों से कहा, ‘’सभी ज़िलों के किसानों को धान के बीज के साथ-साथ अन्य फसलों के बीज भी मुहैया कराए जा रहे हैं। किसानों को लक्ष्य और ज़रूरत के हिसाब खाद और उर्वरक भी दिए जा रहे हैं। लखनऊ मंडल आयुक्त ने कहा कि ये सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी ज़िला अधिकारियों की है कि किसानों को बीज और खाद वक्त पर मिलें।’’

मंडल के अलग-अलग ज़िलों से आए ज़िलाधिकारियों ने भी कृषि निदेशक के सामने अपनी परेशानियां रखीं। उन्नाव ज़िले की डीएम सौम्या अग्रवाल ने कहा, ‘’हमारे इलाके में सिंचाई की बेहतर व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। हम कोशिश कर रहे हैं लेकिन फंड की कमी के चलते काम तेज़ी से नहीं हो पा रहा है।’’

आयुक्त लखनऊ मंडल ने कहा, ‘’बीज कंपनियों के जरिए विकासखंडवार स्टॉल लगाकर बीजों का आवंटन किया जा रहा है। ताकि किसानों को आसानी से बीज मुहैया हो सकें । सिर्फ़ इतना ही नहीं किसानों शंकर बीजों से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है ताकि अच्छी पैदावार के लिए किसान शंकर बीजों के इस्तेमाल कर सकें।’’ गोष्ठी में सभी ज़िलों के डीएम, मुख्य ग्राम विकास अधिकारी और कृषि से जुड़े विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। 

किसान करें नीम कोटेड यूरिया का इस्तेमाल

लखनऊ मंडल के आयुक्त ने कहा,’ ‘मैं सभी किसानों से अपील करता हूं कि वो नीम कोटेड यूरिया का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें साथ ही शंकर बीजों के इस्तेमाल पर भी ज़ोर दें।’’ गोष्ठी में गन्ना, उद्यान, मत्स्य और पशुपालन और दूध उत्पादन के मसले पर भी बातचीत की गई। हालांकि गोष्ठी में शामिल हुए किसान फसल बीमा के मसले पर ज्यादा परेशान दिखाई दिए।

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