किसानों का गुरु बन रहा ये नया 'एप'

Arvind ShukklaArvind Shukkla   24 July 2016 5:30 AM GMT

किसानों का गुरु बन रहा ये नया एपgaonconnection

लखनऊ।  खेत में कब और कौन सी फसल लगाएं जिससे मुनाफा ज्यादा हो? किसी सरकारी योजना का लाभ कैसे मिल सकता है? ऐसे तमाम सवालों को लेकर परेशान रहने वाले किसानों के लिए इफको का कॉल सेंटर और ऐप ‘गुरु’ बन रहा है।

“पूर्वांचल के रहने वाले एक किसान के खेत में काफी जलभराव हो जाता था, उसे समझ में नहीं आ रहा था धान की कौन सी फसल लगाए। परेशान किसान ने इफको के किसान संचार में फोन किया तो जहां उसकी समस्या कुछ ही मिनटों में सुलझ गई। हमने उन्हें बताया कि स्वर्णा, एमटीयू-70 और जलप्रिया जैसी धान की किस्मे लगाई जा सकती हैं। अब हम लोगों ने एक एप भी लॉन्च किया है, जहां किसान अपनी किसी भी समस्या के बारे में जानकारी ले सकते हैं।” मनोज जैन, संदेश प्रभारी, इफको संचार बताते हैं।

                                                

इफको ने इस ऐप को पिछले वर्ष लॉन्च किया गया था। इसके माध्यम से किसान मौसम, मंडी भाव के साथ ही खेती से संबंधित हर जानकारी ले सकते हैं। मनोज आगे बताते हैं, “हम सिर्फ खेती बाड़ी से संबंधित जानकारी ही नहीं देते बल्कि अगर कोई किसान अपने खेत से ही सामान बेचना चाहे तो उसकी जानकारी अपने नंबर के साथ ऐप में फीड कर सकते है, उसके बाद रजिस्टर्ड कारोबारी खुद किसान से संपर्क का उसका माल उचित मूल्य पर खरीद लेते हैं।“

इफको का कहना है कि उनकी कोशिश है कि किसानों को किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए भटकना न पड़े, जानकारी के अभाव में गलत फसल न बाएं। मनोज बताते हैं, “यूपी में अब तक ऐप को 10 लाख लोग डाउनलोड कर चुके हैं। हमारे निशुल्क किसान सलाह केंद्र 534351 पर रोजाना 300-400 किसानों को फोन आते हैं। लेकिन ये सेवा उन किसानों के लिए ही फ्री जिनके पर ग्रीन सिम धारक हो, बाकी के लिए को इसके लिए पैसे खर्च करने पड़ते है।”

इफको का किसान संचार पिछले दस वर्षों से कार्यरत है, जिसके तहत रजिस्टर्ड नंबर पर ये दिन में तीन बार ऑडियो मैसेज भेजता था, जिसमें खेती बाड़ी, बागवानी, पशुपालन, सरकारी योजनाओं, रोजगार संबंधी, मंडी भाव और मौसम आदि की जानकारी होती है। इसके साथ ही किसान ग्रीन सिम के जरिये कभी भी कॉल कर जानकारी ले सकते हैं।  मनोज बताते हैं,आज के किसान काफी जागरुक हो गए हैं, ये ऐप किसानों को हाईटेक और जानकार भी बना रहा है।”

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