कम बजट की फिल्मों का जलवा

कम बजट की फिल्मों का जलवागाँव कनेक्शन

कम बजट और नए चेहरों को लेकर बन रहीं फिल्में बड़े बजट की फिल्मों को लगातार मात दे रही हैं। अच्छी कहानी, नया प्लाट, जबरदस्त संवाद और मजबूत निर्देशकीय पकड़ आज फिल्मों का फार्मूला बन गई है। 

हाल ही में रिलीज 'प्यार का पंचनामा-2' लगभग 18 करोड़ में बनी थी अब तक 65 करोड़ का व्यवसाय कर हिट फिल्म के समूह में आ खड़ी हुई है। करन जौहर की बड़ी लागत से बनी फिल्म 'शानदार' ने जबरदस्त ओपनिंग के बाद पानी नहीं मांगा। शाहिद, आलिया भट्ट व पंकज कपूर जैसी स्टार कास्ट वाली फिल्म को भी दर्शकों

ने नकार दिया। पिछले महीने रिलीज हुई कम बजट की व नए कलाकारों को लेकर बनी अब्बास मस्तान की फिल्म 'किस किसको प्यार करूं' कपिल की जबरदस्त फैन फालोइंग व हास्य प्रधान होने के नाते 48 करोड़ का व्यवसाय कर हिट की श्रेणी में आ गई। वहीं कम बजट व इरफान खान को छोड़कर कोई बड़ा स्टार न होने के बावजूद मेघना गुलजार की फिल्म 'तलवार' जो एक सत्य घटना पर आधारित थी, दर्शकों को खींचने में कामयाब रही और उसने 11 करोड़ की लागत को 30 करोड़ के व्यवसाय में बदलकर बॉक्स ऑफिस पर धाक जमा ली। 

केतन मेहता की रियल स्टोरी पर बनी फिल्म 'मांझी, द माउंटेनमैन' व बेहद कम बजट में बनी फिल्म 'मसान' भी दर्शकों की पसंद बनी और दोनों ने ठीक-ठाक बिजनेस किया। ज़रा पीछे मुड़कर देखा जाए तो अनेक ऐसी फिल्में है जो बहुत ही कम बजट में बनाई गईं और उन्होंने बड़े-बड़े बजट वाली फिल्मों के मुकाबले जबरदस्त कामयाबी हासिल की। अनुपम खेर और बोम्मन ईरानी की जबरदस्त अदाकारी से सजी दिबाकर बनर्जी निर्देशित फिल्म 'खोसला का घोसला' मात्र 3.5 करोड़ में तैयार हुई थी। फिल्म ने दर्शकों की जहां खूब वाहवाही लूटी वहीं 7.5 करोड़ का बिजनेस भी किया। सत्य कहानी पर आधारित तिगमांशु धूलिया निर्देशित 'पान ङ्क्षसह तोमर' जिसमें इरफान का लीड रोल था, मात्र आठ करोड़ के बजट में तैयार हो गई और उसने 38 करोड़ का व्यवसाय कर सभी को चौंका दिया। 

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म 'फंस गए ओबामा' सुभाष कपूर निर्देशित थी छह करोड़ में बनकर तैयार हो गई थी और फिल्म ने अपने अनोखे प्लाट और हंसी के अन्दाज़ को अन्त तक बरकरार रखते हुए दर्शकों के दिमाग पर कब्जा जमा कर उनकी जेब से 19 करोड़ ढीले करा लिए। आनन्द एल राय निर्देशित 'तनु वेड्स मनु' तो मात्र 11 करोड़ के बजट में तैयार की गई 150 करोड़ का बम्पर बिजनेस कर सबको पछाड़ गई। 

अनुराग कश्यप की चर्चित फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' जिससे फिल्म इंडस्ट्री को नवाजुद्दीन सिद्दकी, हुमा खान, रिचा चड्ढा जैसे नायाब कलाकार को लेकर मात्र 10 करोड़ में बनकर तैयार हो गई थी और फिल्म ने तीन फिल्म फेयर अवार्ड सहित 55 करोड़ का मुनाफा कमाया। यह अलग बात है कि अनुराग कश्यप की रणवीर कपूर स्टारर 100 करोड़ से ऊपर के बजट वाली फिल्म 'बाम्बे वेलवेट' दूसरे ही दिन बिना पानी मांगे उतर गई। अंशुमान खुराना औैर भूमि पेडनेकर अभिनीत फिल्म 'जोर लगाकर हइसा' बहुत ही कम बजट में बनी थी लेकिन बेहतर प्लाट और उम्दा ट्रीटमेंट की वजह से 30 करोड़ का बिजनेस कर गई। सुजीत सरकार निर्देशित 'विक्की डोनर' अपनी नई कहानी और अंशुमान खुराना, यामी गौतम, डॉली अहलुवालिया और अनु कपूर की बेहतरीन अदाकारी व अंशुमान खुराना के गाए बेहतरीन गीतों की बदौलत लोगों को बेहद पसंद आई और पांच करोड़ की लागत के बदले 66 करोड़ का बिजनेस कर बल्ले-बल्ले कर गई। 

विद्या बालन व नवाजुद्दीन सिद्दकी अभिनीत व सुजय घोष निर्देशित फिल्म 'कहानी' मात्र आठ करोड़ में बनकर तैयार हो गई थी। पर थियेटर में लगने के बाद फिल्म ने तहलका मचा दिया और 78 करोड़ का जबरदस्त बिजनेस किया। 

गुलाल, न घर के न घाट के, दसवींदानिया, चलो दिल्ली, बारह आना, आंखों देखी, भेजा फ्राई, खिचड़ी, यूं होता तो क्या होता, इस्कजादे, उड़ान, ए वेडनेस डे, फुकरे, डी देव, काय पोचे, साहब बीवी और गैंगस्टर, अंकुर, अरोड़ा मर्डर केस, गिप्पी, मर्दानी, चश्मे बद्दूर, एक विलेन, हाईवे, बीए पास, अमित साहनी की लिस्ट, सिटी लाइट्स, मिस्टर एंड मिसेज, फैनी फाइंडिंग, चार फुटिया, ए नाइट आउट काल सेंटर, क्वीन, वार छोड़ यार, रांझणा, हम्टी शर्मा की दुल्हनिया, हॉलीडे, रोर, हैप्पी एंडिंग, टोटल सियापा, भाग मिल्खा भाग, मेरी कॉम, देल्ही बेली, नशा, ओएमजी, साडा अड्डा, दृश्यम व उंगली जैसी कम बजट की पर मीनिंगफुल व फुल इंटरटेंमेंट से भरपूर फिल्में न सिर्फ चलीं बल्कि चर्चा में भी रहीं।

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