कोर्स अभी तक पूरा नहीं, कैसे परीक्षा देंगे यूपी बोर्ड के छात्र

कोर्स अभी तक पूरा नहीं, कैसे परीक्षा देंगे यूपी बोर्ड के छात्रगाँव कनेक्शन

लखनऊ/इलाहाबाद/गोण्डा। पंचायत चुनाव के चलते जहां कई स्कूल ऐसे हैं जिनकी पढ़ाई तीन महीने तक ठप रही है, वहीं बोर्ड परीक्षाओं की तारीख का ऐलान होने से छात्रों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। अधूरे कोर्स और तैयारियों के साथ इस बार बोर्ड परीक्षाएं हर बार से पहले कराई जा रही हैं।

यूपी बोर्ड परीक्षाओं की तारीख 18 फरवरी से 21 मार्च निर्धारित कर दी गई है जबकि ज्यादातर स्कूल ऐसे हैं जहां पर अभी तक कोर्स भी पूरा नहीं हो पाया है। लखनऊ जिला मुख्यालय से लगभग 35 किमी दूर दक्षिण दिशा में मोहनलालगंज के आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में पढऩे वाली प्रीती तिवारी (19 वर्ष) बताती हैं, ''जब से परीक्षा की तारीख पता चली है बहुत डर लग रहा है, स्कूल में अभी तक कोर्स भी नहीं पूरा हो पाया है, समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे पढ़ाई करें। ऊपर से प्रैक्टिकल की फाइल, चार्ट ये सब भी अब बनवाये जा रहे हैं।"

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद 2016 की हाईस्कूल परीक्षा में 37,49,977 और इंटरमीडिएट में 30,43,057 कुल 67,93,034 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। पिछले साल की तुलना में 10वीं में 2,51,547 और 12वीं में 1,18,289 परीक्षार्थी ज्यादा शामिल होंगे लेकिन समय से पहले परीक्षा और पंचायत चुनाव के कारण विद्यार्थियों की तैयारियां अभी पूरी नहीं हो पाई हैं। 

गोण्डा जिला मुख्यालय से लगभग 15 किमी दूर गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य थॉमस बताते हैं, ''इस बार बहुत दिक्कत हो रही है, इधर चुनाव के कारण स्कूल में बहुत छ़ुट्टियां हो गई हैं, टीचरों की ड्यूटी भी लगी थी, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई को बहुत नुकसान हुआ है। अब डेढ़ महीने में कोर्स पूरा कराना बहुत मुश्किल है, बच्चों को एक्सट्रा क्लास के लिए बुलाया जा रहा है।"

''स्कूल में 15 दिन तो मतदानपेटियां ही रखी थीं, जितने चुनाव में ड्यूटी वाले थे सब यहीं रूके थे। स्कूल बंद रहा है लगभग डेढ़ महीने 15 दिन प्रधानी चुनाव में और 20 दिन जिला पंचायत में। टीचर भी नहीं आते थे, जो बच्चे अलग से कोंचिग कर रहे थे वही केवल पढ़ाई कर पा रहे हैं। हम लोग तो डर के कारण समझ ही नहीं पा रहे कि अब पढ़ाई करें भी तो कैसे।" रमेश कुमार (17 वर्ष) चौबे कक्षा दस के छात्र बताते हैं। 

परीक्षाओं के जल्दी शुरू होने का कारण बताते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा मंडल के अपर सचिव प्रशासन राजेन्द्र प्रताप बताते हैं, ''यूपी बोर्ड इस बार सीबीएसई बोर्ड की तर्ज पर परीक्षाएं करवा रहा है, इसलिए पेपर मार्च की जगह फरवरी में हो रहे हैं और इसके बाद स्कूल का नया सत्र भी 1 अप्रैल से चालू हो जाएगा। थोड़ी दिक्कत तो होगी लेकिन ये नियम इस बार से लागू कर दिया गया है।"

इलाहाबाद जिले के ज्यादातर इंटर कॉलेजों में दसवीं और बारहवीं का कोर्स पूरा नहीं हुआ है। राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद में गणित, अंग्रेजी और कमेस्ट्री का कोर्स पूरा नहीं हुआ है, जबकि केपी इंटर कालेज का हाल और बुरा है वहां पर गणित का आधे से ज्यादा कोर्स बाकी है। 

डीआईएसओ कोमल यादव से इस बारे में बात करने पर वो बताती हैं, ''जिन स्कूलों में कोर्स अभी बाकी है वो सभी जनवरी तक हर हाल में पूरे करा दिए जायेगें। चुनाव होने के कारण स्कूल के कोर्स पूरे होने में समस्या हुई है।" केन्द्रों की जानकारी मांगने पर उन्होनें आगे बताया कि जिला प्रशासन ने के न्द्र की सारी लिस्ट मंडल को सौंप दी है।

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