कटौती के नाम पर कैरोसिन की काला बाज़ारी

कटौती के नाम पर कैरोसिन की काला बाज़ारीgaonconnection, कटौती के नाम पर कैरोसिन की काला बाज़ारी

लखनऊ। शासन ने जिले को मिलने वाले कैरोसिन तेल में अचानक एक लाख अस्सी हजार लीटर की अतिरिक्त कटौती कर दी है। ऐसे में प्रत्येक कोटेदारों को कैरोसिन कम दिया जा रहा है। कटौती के नाम पर सप्लाई आफिसर कैरोसिन तेल की कालाबाजारी कर रहे हैं। कटौती का मानक न बताकर अधिकारी और ठेकेदार मनमाने तरीके से कोटेदारों को वितरित किये जाने वाले कैरोसिन तेल की कटौती कर रहे हैं। 

इस कालाबाजारी में सबसे ज्यादा नुकसान कार्डधारकों को हो रहा है। कटौती का आदेश बताकर सप्लाई निरक्षक द्वारा कोटेदारों के कोटे से सौ से दो सौ लीटर तक कैरोसिन तेल की कटौती की जा रही है। जिन कोटेदारों से उनकी साठगांठ है, उनके कोटे के कैरोसिन में कटौती नहीं की जा रही है। कोटेदारों का आरोप है कि कैरोसिन की कटौती की वजह से वे कार्डधारक को सिर्फ दो लीटर ही कैरोसिन दे पा रहे हैं, जिसकी वजह से गाँव के कार्डधारक उनके ऊपर कैरोसिन के तेल की धांधली का आरोप लगा रहे हैं।  

शहरी क्षेत्र में भले ही 80 से 90 फीसदी आबादी रसोई गैस का इस्तेमाल कर रही हो, लेकिन ग्रामीण इलाकों में आंकड़ा बिल्कुल विपरीत है। गाँव में बड़ी आबादी कैरोसिन पर ही निर्भर है। भोजन पकाने से लेकर लाइट के विकल्प तक ग्रामीण इसका उपयोग करते हैं। गाँवों में वैसे भी बिजली की जबर्दस्त किल्लत है। कई गाँवों में तो बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। कोटे की दुकानों से कार्डधारक को सिर्फ दो लीटर ही कैरोसिन दिया जा रहा है, जिसको पूरा महीना चला पाना कार्डधारक के लिये बहुत मुश्किल हो रहा है।

पप्पू रावत कोटेदार ग्राम बसौली बताते हैं, पिछले महीने से आपूर्ति करने वाले अधिकारी हर कोटेदार को निर्धारित मिलने वाले कैरोसिन के तेल पर दो सौ लीटर तक की कटौती कर रहे हैं। यह कटौती ऊपर के आदेश के नाम पर हो रही है। जिन कोटेदारों ने सम्बन्धित अधिकारियों को कुछ पैसा दे दिया है उनके तेल में कटौती नहीं की जा रही ही। 

रामजीवन सिंह कोटेदार रामनगर महोली बताते हैं, इस समय ऊपर से आदेश के नाम पर सप्लाई विभाग की कैरोसिन पर अधिकारियों और ठेकेदारों ने लूट मचा रखी है। जो कोटेदार दबंग हैं, उनका तेल नहीं काटा जा रहा है और जो कोटेदार सीधे हैं, उनके निर्धारित मानक से दो सौ लीटर तक कटौती की जा रही है। आपूर्ति विभाग के अधिकारी तेल की कमी और ऊपर से आदेश बताकर यह कटौती कर रहे हैं।  

निर्धारित नहीं है कटौती का मानक 

कोटेदारों का आरोप है, आपूर्ति विभाग द्वारा हर कोटेदार के कोटे से कितने तेल की कटौती होगी, इसकी आपूर्ति अधिकारी ब्योरा नहीं दे रहे हैं। एक कोटेदार को हर महीने दिये जाने वाले कैरोसिन में कितनी कटौती की जायेगी, इसका कोई निर्धारित मानक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने नहीं बनाया है। यदि है भी तो वितरण करने वाले अधिकारी इसका पालन न करके मनमानी तरीके से कैरोसिन की कटौती कर रहे हैं। जिन कोटेदारों की अधिकारियों से साठगांठ है, उनके तेल सप्लाई में कटौती नहीं की जा रही है। जिसकी वजह से अन्य कोटेदारों की कई बार इन अधिकारियों से नोकझोंक भी हो चुकी है। जिसकी शिकायत कोटेदारों ने कई बार एसडीएम से भी की है, लेकिन स्थिति जैसी की तैसी है।  

गाँववाले लगा रहे हैं कोटेदार पर तेल चोरी का आरोप 

आपूर्ति से कम तेल मिलने की वजह से कोटेदार गाँव के कार्डधारकों को कम तेल दे पा रहे हैं, जिसकी वजह से ग्रामवासी कोटेदार पर तेल की चोरी का आरोप लगा रहे हैं। कोटेदार द्वारा ऊपर से हुये कटौती की जानकारी को गाँववाले मानने को तैयार नहीं है, जिसकी वजह से कोटेदार को अनाज वितरण में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

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