कूड़ा जलाया तो देना पड़ेगा 500 रुपए जुर्माना

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लखनऊ। नगर निगम ने कूड़ा जलाने पर जुर्माना लगाने का प्राविधान कर दिया है, लेकिन इसके अनुपालन में अभी दो महीने का समय लगेगा। नए नियम को लागू करने से पहले गजट होगा। इसके बाद जुर्माना वसलूने की कार्रवाई होगी। फिलहाल सफाई कर्मचारियों को न तो जुर्माने का खौफ है और न ही पर्यावरण को लेकर चिंता है। 

शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर नगर निगम, सीएंडडीएस संजीदा नहीं हैं। डेडलाइन समाप्त होने के बाद भी एजेंसी पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। बहरहाल सफाई के नाम पर कूड़ा जलाकर निस्तारण किया जा रहा है। शिवरी प्लांट को पूरी तरह से चलाने में नाकाम नगर निगम ने कूड़ा फेंकने व जलाने पर पर जुर्माना लगाने का प्राविधान किया है। कूड़ा जलाने व फेंकने पर 500 रुपए जुर्माना लगेगा, लेकिन इसके अनुपालन में कम से कम दो महीने का समय लगेगा। नगर निगम सदन में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसे शासन भेजा जाएगा। यहां से गजट होने के बाद क्षेत्रीय सफाई और खाद्य निरीक्षक जुर्माना वसूल सकेंगे। इस समय शहर में प्राइवेट सफाई कर्मी भी नहीं है। इससे सफाई व्यवस्था और भी बदहाल है। पड़ाव घर पर कूड़े के ढे़र पट रहे रहे हैं। वहीं डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन भी प्रभावित है।

ऐसे में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों पर ही सफाई की जिम्मेदारी है। जो कूड़ा जलाने में सबसे ज्यादा माहिर हैं। 

पर्यावरण संरक्षण पर नहीं लग रही रोक

पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का मकसद था, मिट्टी को प्रदूषित करने से पहले ही कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित कर दिया जाए। 

हर गली और चौराहों पर लगे कूड़े के ढे़र मिट्ट्र लोगों का स्वास्थ्य और पानी को भी प्रदूषित कर रहा है। वहीं इसे जलाने से वायु प्रदूषण हो रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने और जलाने पर 500 रुपए नगर निगम वसूल करेगा। कूड़े को जलाने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति व कर्मचारी पर जुर्माना लगाने का प्राविधान किया गया है। 

बिना बिजली कैसे चलेगा प्लांट

शिवरी का दो यूनिट अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है तो एक यूनिट रूक-रूक चलती है। प्लांट में रोजाना 400 टन कूड़ा आता है, लेकिन सिर्फ 150 टन ही कूड़े का निस्तारण हो पा रहा है। प्लांट को सिर्फ 6-7 घंटे बिजली आपूर्ति होती है। इसके लिए 400 वोल्टेज की जरूरत है, जबकि सप्लाई लो-वोल्टेज मिल रही है। 

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