क्यों महंगी हो रही सब्जियां?

क्यों महंगी हो रही सब्जियां?gaonconnection, सब्ज़ियों के भाव आसमान पर

लखनऊ। आम आदमी को महंगाई से राहत मिलती नहीं दिख रही है। सब्जी बाजार में स्थानीय सब्जियों की भरमार है। इसके बाद भी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। बाजार में कोई भी सब्जी 20 रुपए किलो से नीचे नहीं मिल रही है। पुरनिया चौराहे पर सब्जी खरीद रही अलीगंज सेक्टर डी की नम्रता नागर ने बताया, “काफी किफायत के बाद एक सप्ताह की सब्जी तीन सौ रुपए हो गई। किसानों और कारोबारियों के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में सिंचाई नहीं हो पाने के कारण पैदावार पर असर पड़ रहा है।” 

राजधानी की सब्जी बाजार में स्थानीय सब्जियां, लौकी, कद्दू, तरोई, बैंगन, भिंडी, करेला, टिंडा और पालक आदि हरी सब्जियां मौजूद है। इसके साथ ही परवल, ग्वारफली, लोबिया की भी आवक बनी हुई है। दूसरे जिलों से शिमलामिर्च, गोभी, बंधा की भी आपूर्ति हो रही है। निशातगंज, कैसरबाग, अमीनाबाद, पुरनिया, भूतनाथ, गोमतीनगर मिठाई चौराहा, नरही समेत कई खास सब्जी बाजार में सिर्फ लौकी, कद्दू और पालक को छोड़ कर अन्य हरी सब्जियां 20 रुपए किलो के पार बिक रही है। बाजार में सबसे ज्यादा महंगी हरी मटर है।

नैनीताल से आपूर्ति हो रही हरी मटर फुटकर बाजार में 100 से 120 रुपए किलो तक बिकती दिखाई दी। नवीन सब्जी मंडी सीतापुर रोड के आढ़ती राजवीर यादव ने बताया, “इस वक्त कई स्थानीय हरी सब्जी बाजार में आ चुकी है, लेकिन सिंचाई पर्याप्त मात्रा में नहीं होने के कारण इसका उत्पादन कम हो रहा है। अगर इन दिनों बारिश हो जाती है तो फसलों को सिंचाई मिल जाएगी। इससे उत्पादन बढ़ने से भाव में कमी आएगी।”

इसी मंडी में लोबिया बेचने आए चिनहट ब्लॉक के अल्लूनगर डिगुरिया गाँव के किसान गुड्डू ने बताया, “अपने खेत में लोबिया, लौकी और बैंगन लगा रखा है, लेकिन सिंचाई का पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण खेती सूख रही है। नलकूल चल नहीं रहे, दूसरे से किराए पर सिंचाई करानी पड़ रही है, सप्ताह में एक दिन ही सिंचाई करा पा रहे है।”

उन्होंने बताया आगे, “समय पर सिंचाई करने से रोजाना एक बीघा खेत में 50 से 60 किलो लोबिया मंडी ले जाते थे, अब दो दिन में निकल रही है।” 

आलू महंगा सब महंगा

प्रदेश में आलू की बम्पर पैदावार हुई है। इसके बाद भी थोक बाजार में आलू का 12 से 16 सौ रुपए प्रति क्विंटल के भाव बिक रहा है। इसका कारण कन्नौज, कानपुर और आलू उत्पादक जिलों से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक आलू भेजा जा रहा है। प्रदेश से आलू की मांग होने के कारण स्थानीय बाजार में महंगाई का असर पड़ा है। दुबग्गा मंडी के इरफान जिलानी ने बताया, सब्जियों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल आलू का होता है। इसकी महंगाई के कारण अन्य सब्जयों की मांग बढ़ जाती है। इससे हरी सब्जियां के भाव पर असर पड़ता है।

टमाटर होने लगा लाल

सब्जी बाजार में टमाटर ने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। बीते एक सप्ताह में टमाटर का डेढ़ गुना तक बढ़ गए। बीते गुरुवार तक शहर की दो प्रमुख थोक मंडियों दुबग्गा और नवीन मंडी सीतापुर रोड में लखनऊ और आसपास के जिलों से आ रहा टमाटर प्रति क्रेट (25 किलो) 200 से 250 रुपए थी। अब इसका भाव बढ़ कर तीन से साढ़े तीन सौ रुपए प्रति क्रेट हो गई। खुदरा बाजार में टमाटर 16 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर 20 से 24 रुपए किलो तक पहुंच गया।

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