सीबीआई बनाम चिटफंड घोटाले में ममता बनर्जी का धरना जारी, विपक्षी पार्टियां साथ आईं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ३ फरवरी की रात से सीबीआई की कार्रवाई के विरोध में केन्द्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी हैं। कांग्रेस, आप, आरजेडी, सपा समेत अधिकतर विपक्षी दल उनके समर्थन में आगे आए हैं।

Mamta Banarjee Dharnaमेट्रो सिनेमा के सामने धरना दे रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धरना किया खत्म

लखनऊ। 3 फरवरी 2019 की रात सीबीआई पश्चिम बंगाल पहुंची। वो कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने गई थी लेकिन उनके घर पहुंचते ही कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के अधिकारियों को रोक लिया, बाद में उन्हें हिरासत में भी लिया गया। पुलिस का कहना है कि उनके (सीबीआई के अधिकारियों) पास सर्च वॉरंट नहीं था।

अब इस मुद्दे पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रात से ही धरने पर बैठी हैं, उन्होंने इस धरने को 'संविधान बचाओ रैली' कहा। बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, इसमें केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर बदले की राजनीति करने का इल्ज़ाम लगाया। फिलहाल ममता बनर्जी कोलकाता में मेट्रो सिनेमा के सामने धरने पर बैठी हैं। उन्होंने धरने पर बैठने से पहले मीडिया से कहा, ''मेरे घर पर भी सीबीआई भेज रहे हैं। 2011 में हमारी ही सरकार ने चिटफंड घोटाले के खि‍लाफ जांच शुरू की थी। हमने गरीबों के पैसे लौटाने के लिए काम किया था। हमने दोषियों को पकड़ने के लिए एक कमेटी बना दी थी। सीपीएम के वक़्त चिटफंड शुरू हुआ था पर उनके खि‍लाफ जांच क्यों नहीं हुई? मैं संविधान बचाने के लिए मेट्रो सिनेमा के सामने धरना दूंगी। मैं दुखी हूं लेकिन डरने वाली नहीं हूं। मैं जानती हूं कि देश के लोग मेरा समर्थन करेंगे।''

ममता के इस कदम के बाद कांग्रेस, आप, आरजेडी, सपा समेत अधिकतर विपक्षी दलों उनके समर्थन में आगे आए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने बनर्जी से फोन पर बात की और अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट है और फासीवादी ताकतों को हराएगा। राहुल ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल का घटनाक्रम भारत की संस्थाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा के निरंतर हमलों का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर ममता के साथ है. कोलकाता में सीबीआई की कार्रवाई स्पष्ट तौर पर शक्ति का गलत इस्तेमाल करने और संघीय राजनीति पर 'हमला' करने जैसी है।

राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने भी बनर्जी से फोन पर बात की, उन्होंने कहा कि वो अपनी एकजुटता जताने के लिए सोमवार को कोलकाता जा सकते हैं। तेजस्वी ने ट्वीट भी किया- "भाजपा के दबाव में सीबीआई द्वारा पिछले कुछ महीने में लिए गए राजनीतिक फैसलों को देखते हुए राज्य सरकारें इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर हैं। बीते कुछ महीनो में CBI पर BJP दफ्तर के दवाब में लिए गए राजनीतिक निर्णयों के कारण राज्य सरकारों को ऐसा निर्णय लेना पड़ेगा। अगर अब भी CBI भाजपा के गठबंधन सहयोगी की तरह कार्यरत रही तो किसी दिन न्यायप्रिय आम अवाम अपने तरीक़े से इनका हिसाब ना कर दे। लोकतंत्र में जनता से बड़ा कोई नहीं।"

राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने ट्वीट किया, "यह स्तब्ध कर देने वाला है कि पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार इस हद तक जा सकती है।''



समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट किया- "भाजपा सरकार की उत्पीड़नकारी नीतियों और CBI के खुलेआम राजनीतिक दुरुपयोग के कारण जिस तरह देश, संविधान और जनता की आज़ादी ख़तरे में है, उसके ख़िलाफ़ ममता बनर्जी जी के धरने का हम पूर्ण समर्थन करते हैं। आज देश भर का विपक्ष और जनता अगले चुनाव में भाजपा को हराने के लिए एकजुट है।"

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप प्रमुख अरविन्द केजरीवाल ने भी ममता बनर्जी को समर्थन जारी करते हुए कहा कि, "मोदी जी ने लोकतंत्र और संघीय ढांचे का माखौल उड़ाया है। मोदी-शाह की जोड़ी भारत और उसके लोकतंत्र के लिए खतरा है। हम इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं।"

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि जब तक चुनाव आयोग चुनावों की तारीख जारी नहीं करता देश में कुछ भी हो सकता है।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा, "सीबीआई जैसी संवैधानिक संस्था का खुद के फायदे के लिए इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है।"

पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने भी ममता बनर्जी का साथ दिया है, उन्होंने इसे आपातकाल से भी घटिया बताते हुए कहा कि ये सीबीआई का गलत उपयोग है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने बंगाल की मुख्यमंत्री के कदम को सही बताते हुए कहा, "हम ममता बनर्जी द्वारा केंद्र सरकार की निरंकुशता और अत्याचार के खिलाफ उठाए गए कदम की सराहना करते हैं। हम उनके साथ हैं, दृढ़ता से उनके और अत्याचार के खिलाफ इस लड़ाई के पीछे खड़े हैं।"

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि टीडीपी के मंत्री बाकी विपक्ष के साथ विरोध करेंगे।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री रहे फारूख अबदुल्ला ने कहा कि, "ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं। हमारा देश खतरे में है, भाजपा इस देश की सर्वेसर्वा नहीं है, जनता है।"

कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(मार्क्सिस्ट) के नेता सीताराम येचुरी ने दोनों पार्टियों की कार्रवाई को नाटक करार देते हुए कहा कि दोनों पार्टियां खुद के भ्रष्टाचार को छिपाना चाहती हैं।

ममता बनर्जी का धरना जारी है, कमिश्नर राजीव कुमार भी उनके साथ इस धरने में शामिल थे। सोमवार को दिन में वे वहां से चले गए। वहीं तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।


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