पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुआ उन्नाव का लाल

पुलवामा में हुए आतंकी हमले में लोक नगर के अजीत कुमार हुए शहीद, गुरुवार रात शहादत की खबर से शोक में डूबा क्षेत्र

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुआ उन्नाव का लालशहीद जवान अजीत की पासपोर्ट साइज फोटो में, दूसरी तस्वीर में रोते बिलखते परिजन

उन्नाव। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार शाम हुए आतंकी हमले में उन्नाव के लोक नगर का वीर सपूत अजीत कुमार (38) शहीद हो गया। गुरुवार देर रात जैसे ही शहादत की खबर आई पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया। अजीत कुमार सीआरपीएफ की 115वीं बटालियन में तैनात थे।

शहर के लोक नगर निवासी अजीत कुमार के पिता प्यारे लाल का रो-रोकर बुरा हाल है। गुरुवार शाम जब अजीत अपने बटालियन के साथ जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहे थे तभी पुलवामा अवंतीपोरा के गोरीपोरा में एक आतंकी ने विस्फोटक से भरी कार को जवानों की बस से भिड़ा दिया। तेज विस्फोट में बस में सवार 40 जवान शहीद हो गये। अजीत भी इसी बस में सवार थे।

गुरुवार देर रात जम्मू हेडक्वार्टर से परिजनों को सूचना मिली। आतंकी हमले में अजीत के शहीद होने की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। शहादत की खबर से क्षेत्र शोक में डूबा है। अजीत के छोटे भाई रंजीत ने बताया कि आतंकी हमले सूचना उन्हें टीवी से मिली। देर शाम जम्मू से फोन आया जिसमें उनके भाई के शहीद होने की खबर मिली। शहादत की सूचना मिलते ही डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, एसपी हरीश कुमार व कोतवाली पुलिस अजीत के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया।


पांच भाइयों में अजीत सबसे बड़े थे। उनसे छोटा भाई सुजीत परिषदीय विद्यालय में शिक्षक हैं। तीसरे नंबर पर रंजीत व चौथे नंबर पर मंजीत है। मंजीत भी सेना में और भोपाल में तैनात हैं। जबकि सबसे छोटा भाई संजीत बीटीसी कर रहा है।

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भाई रंजीत ने बताया कि एक माह पहले ही बड़े भाई अजीत कुमार छुट्टियों पर घर आये थे। 10 फरवरी को छु्ट्टियां खत्म होने पर वह जम्मू चले गये।

हमले की सूचना मिलने पर परिजनों ने अजीत से फोन पर बात करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं लगा जिसके बाद उन्होंने उनके दोस्तों से बात की तब पूरी जानकारी मिली। हालांकि अजीत सुरक्षित हैं या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिल सकी थी। आतंकी हमले की खबर के बाद से कई घंटे तक घर में सन्नाटा पसरा रहा। देर शाम जब अजीत के शहीद होने की खबर मिली तो कोहराम मच गया।

परिजनों को रोता देख मासूम बेटियों ने उन्हें संभाला। मां मीना को बेटी ईशा (11) व रिषा (09) संभालती रही। वहीं उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जवानों के पैतृक गांव के संपर्क मार्ग का नामकरण शहीद जवानों के नाम पर किया जायेगा।

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