मानकों के चक्कर में फंसे धान किसान

मानकों के चक्कर में फंसे धान किसान

सीतापुर। धान क्रय केंद्रों पर धान बेचने आए किसान मानकों के पेंच में उलझते जा रहे हैं। धान में नमी बताकर केंद्रों से किसानों को वापस भेजा जा रहा है। इसके कारण किसान बिचौलियों को अपना धान बेचने पर मजबूर हैं।

मिश्रिख ब्लॉक के चंदूपुर गाँव के निवासी राम लखन (35 वर्ष) बताते है, ''मेरे खेत में धान की फसल तैयार हो चुकी है। मिश्रिख क्षेत्र के धान क्रय केंद्र पर खरीद का हाल देखने गया था। वहां पर जो भी किसान पहुंचे थे, उन्हें बताया गया कि धान में नमी है। इसके बाद सब किसानों को वहां से वापस कर दिया गया। क्रय केंद्र का यह हाल देखकर अब मन बदल चुका है। अब धान तभी काटूंगा, जब बाजार में उसका सही मूल्य मिलेगा। सरकारी क्रय केंद्र पर जाकर अपना समय बेकार नहीं करूंगा।"

एक ओर किसान सरकारी केंद्रों पर तौल न होने से परेशान है तो दूसरी ओर सरकारी क्रय केंद्र अभी तक बोहनी का इंतजार कर रहे हैं। मिश्रिख में एक अक्टूबर को धान क्रय केंद्र खोला गया था लेकिन इस केंद्र पर अभी तक बोहनी तक नही हो सकी है। क्रय केंद्र प्रभारी हरिनाम शुक्ला का कहना है कि जो धान केंद्र पर आया, उसका मानक सही नहीं था। वहीं लहरपुर में तो क्रय केंद्र ही खुला नहीं मिला। इस क्षेत्र के किसानों को धान बेचने के लिए सीतापुर मंडी का सहारा लेना पड़ रहा है।

लहरपुर ब्लॉक के गन्नी टोला गाँव के दिलीप शुक्ला बताते हैं, ''35 बीघा खेत में धान की फसल तैयार खड़ी है। इस बार धान की फसल उगाने में काफी रुपया लग गया है। अब जब फसल बेचने का नंबर आया, तब कहीं भी उचित मूल्य नजर नहीं आ रहा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर जो रेट हैं, वह भी ठीक नहीं है। अगर कोई इन केंद्रों पर पहुंचता है तो उसे मानक का हवाला देकर वापस किया जाता है। लहरपुर क्षेत्र में कहीं भी धान क्रय केंद्र नजर नहीं आ रहे हैं। अब जब रेट सही होंगे, तब खेत से फसल को काटा जाएगा।"

क्रय केंद्र में धान न बेच पाने के कारण किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों को औने-पौने दामों पर अपना धान बेचना पड़ रहा है। मिश्रिख क्षेत्र के उदईपुर छावन गाँव के निवासी परमजीत सिंह बताते है, ''सरकार ने धान क्रय केंद्र खोला है, जिस पर 1410 रुपये क्विंटल धान खरीदे जाने की बात कही जा रही है। इस वजह से धान लेकर मिश्रिख क्षेत्र के धान क्रय केंद्र पर गया था। वहां पर मौजूद लोगों ने धान में नमी का हवाला देकर धान लेने से मना कर दिया। मजबूर होकर वही धान बाजार के व्यापारियों के हाथ 1100 रुपये क्विंटल के हिसाब से बेचना पड़ा।"

"लहरपुर क्षेत्र में धान क्रय केंद्र देखने को ही नहीं मिल रहे हैं। खेत के 175 बीघा हिस्से में धान की फसल बोई थी। फसल लगभग तैयार है। दो ट्रॉली धान काटकर बेचने के लिए लहरपुर पहुंचा तो क्रय केंद्र ही नहीं मिला। इसकी वजह से सीतापुर मंडी जाना पड़ा और वहां 1110 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान बेचा है," लहरपुर ब्लॉक के ठठेरी टोला निवासी निखिल मेहरोत्रा बताते है

डिप्टी आरएमओ अनुपम निगम ने बताया कि नमी अधिक होने के कारण क्रय केंद्रों पर धान की खरीद नहीं हो सकी है। जिन स्थानों पर क्रय केंद्र नहीं खोले गए हैं, उनके प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top